26/04/2017

Sagar Das

अगर आपका लिंग छोटा या पतला है तो करें ये उपचार! If your penis is small or thin then do these treatments !!


मेरे देश  वासियों कहां यार फेक आइडियो मे लड़कियो के चक्कर मे परेशान हो ये पढो कुछ फायदा होगा ये तो ak 56 ki होती है1996 बताती हैं और आप जैसे पढे़ लिखे होशियार जो कभी अपनी मा बहन को कैसी हो नही पूछते उनके आगे पीछे चक्कर मत लगाते रहते हो लो ये शानदार तोहफा इसमे पचपन वाला बी बचपन का बन जायेगा पोस्ट कैसी रही बताना जरूर पंसद मत करना वैसेवना कमेंट मे ना पसंद मे मुझे कोई बेनी फिट नही है ना मे लइक कराने के लिये पोस्ट करता हूं मगर क्या करूं आप को लइक करने पर मजबूर ही होना पड़ता है

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पेनिस का रोना रोने वाले सुने
नारियल तो रोज ही देवी देवताओ दरगाहों मे चढाते फोडते होगे कोई मंहगा भी नही है एक नारियल ले लो जो सूखा हो मगर सडा ना हो अगर पानी हो तो थोडा़ आंख मे छेद करके पानी निकाल दो मगर बिलकुल कच्चा ना हो और ऩारियल मे भेड़ का ताजा़ दूध भर कर किसी डाट वगैरा से बंद करके किसी कोने मे डाल कर महीने तक के लिये भूल जाओ जब देखो के अंदर सूख गया तो फोड़ कर देखो जो कुछनिकले उसके वजन बराबरशहद मिलाकर घोंट ले  और खुले मुह की शीशी मे रखले अब पहले लिंग को गरंम पानी से साबुन लगा कर धोंये और सूती कपडे से पोंछ कर थोडी दवा लेकर लिंग मे मालिश करें और दस मिनट बाद पान का पत्ता सेंक कर लिंग मे पट्टी जैसा लपेट कर कच्चा धागा पान के ऊपर से लपेट दें पान गिरने ना पाये  दस दिन मे आपकी मरजी जितना मोटा बडा हो जायगा बहोत खुश होने की जरूरत नही पहले सीघ्र पतन दूर करलें और तेज़ हिस को दबा लें नही तो मर्दन करने  मे  ही निकल जायेगा 

नोट स्तन बडे करने मे भी काम मे ले सकते हैं इससे दबे और छोटे  स्तन बडे हो जाते है मगर मसाज दस मिनट करके सिर्फ पान का पत्ता सेंकर बां ले और ब्रा पहन लेना है
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prahlad das

कुत्ते के काटने का आयुर्वेदिक इलाज ! कभी भी आपके काम आ सकता है, Ayurvedic treatment of dog bite


कुत्ते के काटने के बाद 24 घंटे के भीतर किसी भी कीमत पर करें ये कामकुछ लोगों को इस बात की जानकारी नहीं है कि कुत्ते के काटने के बाद सबसे पहले क्या करना चाहिए।

लोग घबराकर आनन-फानन में गलत कदम उठा लेते हैं। मुंबई स्थित सनसाइन हॉस्पिटल में कंसल्टेंट फिजिशन डॉक्टर संदीप सोनवणे के अनुसार, कुत्ते के काटने से रेबीज होने की अधिक संभावना होती है। इसलिए सुरक्षित रहने के लिए तुरंत इलाज कराना सबसे जरूरी है।

कुत्ते के काटने के तुरंत बाद आपको ये काम करने चाहिए कटे हुए घाव पर भूलकर भी कपड़ा ना बांधे। घाव खुला रखें।

घाव वाले हिस्से को साबुन से धोएं। अगर घर में शराब  है, तो उससे धोएं। शराब का एंटीसेप्टिक प्रभाव पड़ता है।
24 घंटे के अंदर डॉक्टर को दिखाएं और इन्फेक्शन से बचने के लिए पहला इंजेक्शन लगाएं।

ऐसे कराएं इलाज
डॉक्टर के अनुसार, इसका इलाज इस बात पर निर्भर करता है कि कुत्ते ने कितनी जोर से काटा है। इसके लिए घाव को साफ़ करना और इंजेक्शन जरूरी है।

मामूली खरोंच के लिए टीका लगवाना सबसे प्रभावी है। अगर कुत्ते ने गहरा काटा है, तो एंटी-रेबीज इम्युनोग्लोबुलिन जरूरी है। ज्यादातर मामलों में डॉक्टर टांकें लगाने से बचते हैं, इससे दूसरे अंग प्रभावित हो सकते हैं।

अगर पालतू कुत्ते ने काटा है तो तीन टीके लगाने होते हैं। यानि पहला टीका कुत्ते के काटने के एक दिन बाद, दूसरा तीन दिन बाद और तीसरा सात दिन बाद।

अगर आवारा कुत्ते ने काटा है, तो आपको तीसरे टीके के बाद एक हफ्ते के अंतराल में पांच से सात टीके लगवाने होंगे।
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हल्की खरोंच के मामले में आपको कम से कम तीन टीके लगवाने होंगे।
इससे निपटने के लिए अधिकतर लोग घाव पर लोशन लगा लेते हैं। वास्तव में इससे निपटने के लिए इलाज ही जरूरी है। रेबीज एक वायरल इन्फेक्शन है इस पर एंटीबैक्ट्रियल लोशन लगाने से कोई असर नहीं होता है।

कई लोग इस बात से अंजान हैं कि कुत्ते के काटने पर अगर सही से इलाज ना कराया जाए, तो इससे व्यक्ति की मौत भी हो सकती है।

कुत्ते के काटने का इलाज ! कभी भी आपके काम आ सकता है
अगर घरेलु कुत्ता काटे तो कोई दिक्कत नही है पर पागल कुत्ता कटे तो समस्या है। सड़क वाला कुत्ता काटले तो आप जानते है नही, उसको इंजेक्शन दिए हुए है या नही, उसने काट लिया तो आप डॉक्टर के पास जायेंगे फिर वो 14 इंजेक्शन लगाएगा वो भी पेट में लगाता है, उससे बहुत दर्द होता है और खर्च भी हो जाता है कम से कम 50000 तक कई बार, गरीब आदमी के पास वो भी नही है । कुत्ता कभी भी काटे, पागल से पागल कुत्ता काटे, घबराइए मत, चिंता मत करिए बिलकुल ठीक होगा वो आदमी बस उसको एक दावा दे दीजिये ।

दावा का नाम है Hydrophobinum   (ये आपको होमोपेथिक स्टोर से मिलेगी) और इसको 10-10 मिनट पर जिव में तिन ड्रोप डालना है । कितना भी पागल कुत्ता काटे आप ये दावा दे दीजिये और भूल जाइये के कोई इंजेक्शन देना है। इस दावा को सूरज की धुप और रेफ्रीजिरेटर से बचाना है। रेबिस सिर्फ पागल कुत्ता काटने से ही होता है पर साधारण कुत्ता काटने से  रेबिस नही होता।


आवारा कुत्तों अगर काट दिया है तो राजीव भाई के अनुसार आप अपना मन का बहम दूर करने के लिए ये दावा दे सकते है लेकिन उससे कुछ नही होता वो हमारा मन का बहम है जिससे हम परेशान रहते है, और कुछ डर डॉक्टरों ने बिठा रखा है कि इंजेक्शन तो लेना ही पड़ेगा।

अपने शरीर में थोड़े बहुत resistance सबके पास है अगर कुत्ते के काटने से उनके लारग्रंथी के कुछ वायरस चले भी गये है तो उनको ख़तम करने के लिए हमारे रक्त में काफी कुछ है और वो ख़तम कर ही लेता है । लेकिन क्योंकि मन में भय बिठा दिया है शंका हो जाती है हमको confirm नही होता जबतक 20000-50000 खर्च नही कर लेते ये उस समय लिए राजीव भाई ने ये दावा लेने की बात कही है। और इसका एक एक ड्रोप 10-10 मिनट में जिव पे तिन बार डाल के छोड़ दीजिये । 30 मिनट में ये दावा सब काम कर देगा ।

कई बार कुत्ता घर के बच्चों से साथ खेल रहा होता है और गलती से उसका कोई दाँत लग गया तो आप उस जखम में थोडा हल्दी लगा दीजिये पर साबुन से उस जखम को बिलकुल मत धोये नही तो वो पक जायेगा, हल्दी Antibiotic, Antipyretic, Antitetanatic, Anti-inflammatory है।
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25/04/2017

prahlad das

निमोनिया के लक्षण और घरेलू उपचार, Pneumonia symptoms and home remedies


सर्दी का लगना बेहद खतरनाक होता है। सर्दी के असर से सभी लोग प्रभावित होते हैं। लेकिन छोटे बच्चों को ठंड बड़ी जल्दी लग जाती है। जिसकी वजह से वे कई तरह के रोगों से ग्रसित हो जाते हैं। ऐसा ही एक रोग है निमोनिया । यह एक खतरनाक रोग है जिससे जान तक जाने का खतरा हो सकता है। निमोनिया बच्चे को हो जाने के बाद उसे तरह-तरह की परेशानिया आने लगती है। इसलिए आपको इस बात की जानकारी का होना जरूरी है कि कैसे निमोनिया के रोग से बच्चों का बचाया जा सकता है।

निमोनिया क्या है
यह एक तरह का वायरस है जो फेफड़ों में तरल पदार्थ को जमा करके खून और हवा के बहाव को रोकता है जिससे तेज बुखार, बलगम वाली खांसी, सीने में दर्द और सांस का तेजी से चलना आदि प्रमुख लक्षण होते हैं।

बच्चों में न्यूमोनिया के कई लक्षण होते हैं
बच्चे को सांस लेने में परेशानी का होना।
घरघराहट की आवाज आना।
पेट और छाती में दर्द।
नाखूनों का रंग नीला पड़ना ।
उल्टी आना।
जोड़ों में दर्द होना।
थकान।

कैसे फैलता है निमोनिया
निमोनिया का रोग कई तरह से फैल सकता है। इस रोग का वायरस बच्चे के गले या नाक में पाए जाते हैं और वे सांस के जरिए फेफड़ों में जा सकते हैं। कुपोषण, स्तनपान की कमी और अस्वस्थ वातावरण की वजह से निमोनिया से ग्रसित बच्चे की मौत तक हो सकती है। इसलिए इस बारे में सभी लोगों को जागरूक होना चाहिए।
निमोनिया छींक व खांसी से हवा नली के द्वारा भी फैल सकता है।
उचित पौष्टिक आहार, स्वच्छ पर्यावरण और वैक्सीन के द्वारा इस रोग को रोका जा सकता है।
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कवर रखना
बच्चे को निमोनिया की मुख्य वजह सर्दी का लगना होता है। ऐसे में ठंड बच्चे को दो तरह से वार करती है पहला पैरों के रास्ते और दूसरा सिर के रास्ते। इन दोनों जगह पर सर्दी का असर बच्चे को बड़ी जल्दी होता है। इसलिए सिर और पैरों को ढ़क के रखना जरूरी है।

बादाम व मुनक्का
निमोनिया से बचने के लिए बच्चे को बादाम और मुनक्का को मिलाकर देना चाहिए। इससे बच्चों की इमयूनिटी पावर बढ़ती है और वे तन्दरूस्त रहते हैं। मुनक्के और बादाम के इस्तेमाल से बच्चे के खून मे गर्मी पैदा होती है और वे इस बीमारी से आसानी से बच जाते हैं।

शहद
बच्चों को निमोनिया से बचाने के लिए शहद महत्वपूर्ण औषधि है। शहद में हर फूल का रस मौजूद होता है जिससे शरीर का बीमार होने की संभावना कम हो जाती है। कलौंजी के तेल में शहद को मिलाकर बच्चे को देने से निमोनिया रोग दूर हो जाता है।

जैतून का तेल
जैतून का तेल अधिक गर्म होता है। रात को सोते समय बच्चों के सिर पर जैतून के तेल से मालिश करनी चाहिए। जिससे बच्चे का शरीर गर्म बना रहता है। जैतून के तेल की मालिश बच्चे के पैरों के तलवों पर भी करनी चाहिए इससे बच्चे निमोनिया की बीमारी से बचे रहते हैं।

वैक्सीन
निमोनिया को रोकने के लिए हायमोफील्स एनफलुएंजा टाईप बी और नियूमोकोकल कोंजूगेट टीके मौजूद हैं। जो बच्चे को निमोनिया से बचाते हैं। भारत में जानकारी न होने की वजह से और मंहगी कीमत से बच्चों को ये टीके नहीं लगाए जाते हैं।

निमोनिया से बचने के अन्य उपचार
पांच हरे पत्ते तुलसी के, तीन ग्राम मिश्री और पांच काली मिर्च को एक साथ मिलाकर पीस लें और इसकी छोटी-छोटी गोलियां बना लें। सुबह और शाम पानी के साथ एक गोली जरूर लें।

निमोनिया से ग्रसित बच्चे को गर्म पानी व फलों का रस बीच-बीच में पिलाते रहना चाहिए।

लहसुन की 4 कलियों को सरसों के तेल के साथ गर्म करके बच्चे की मालिश करें।

तुलसी के तीन पत्तों को पीसकर सुबह-सुबह पानी के साथ सेवन करें। यह भी निमोनिया से बचाव करता है।

दूध में थोड़ा केसर मिलाकर बच्चे को दिन में दो बार पिलाएं।

सर्दियों के मौसम में बच्चे को धूप में रखना चाहिए।

यदि इन उपचारों से बच्चे की हालत नहीं सुधरती है तो उसे तनिक भर की देर किए बिना डाक्टर को दिखा लेना चाहिए।

बच्चे को इस बीमारी से बचाने के लिए उसे वैक्सीन यानी टीका जरूर लगवाना चाहिए। यह न्यूमोनिया के खतरे को कम कर देता है।

वे बच्चे जो समय से पहले हो जाते हैं उन्हं न्यूमोनिया खतरा अधिक रहता है। इसलिए समय-समय पर बच्चों की डाक्टरी जांच जरूर करवानी चाहिए।
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23/04/2017

prahlad das

बाहर निकला हुआ पेट अंदर करने के कुछ आसान घरेलू तरीके

भारत में मोटे लोगों की तादाद तेजी से बढ़ रही है। आज करीब 4 करोड़ 10 लाख ऐसे लोग भारत में मौजूद हैं, जिनका वजन सामान्य से कहीं ज्यादा है। अधिकांश लोग शुरुआत में मोटापा बढ़ने पर ध्यान नहीं देते हैं, लेकिन जब मोटापा बहुत अधिक बढ़ जाता है तो उसे घटाने के लिए घंटों पसीना बहाते रहते हैं।

मोटापा घटाने के लिए खान-पान में सुधार जरूरी है। कुछ प्राकृतिक चीजें ऐसी हैं, जिनके सेवन से वजन नियंत्रित रहता है। इसलिए यदि आप वजन कम करने के लिए बहुत मेहनत नहीं कर पाते हैं तो अपनाएं यहां बताए गए छोटे-छोटे उपाय। ये आपके बढ़ते वजन को कम कर देंगे।
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1. ज्यादा कार्बोहाइड्रेट वाली वस्तुओं से परहेज करें। शक्कर, आलू और चावल में अधिक कार्बोहाइड्रेट होता है। ये चर्बी बढ़ाते हैं।

2. केवल गेहूं के आटे की रोटी की बजाए गेहूं, सोयाबीन और चने के मिश्रित आटे की रोटी ज्यादा फायदेमंद है।

3. रोज पत्तागोभी का जूस पिएं। पत्तागोभी में चर्बी घटाने के गुण होते हैं। इससे शरीर का मेटाबॉलिज्म सही रहता है।

4. पपीता नियमित रूप से खाएं। यह हर सीजन में मिल जाता है। लंबे समय तक पपीता के सेवन से कमर की अतिरिक्त चर्बी कम हो जाती है।

5. दही का सेवन करने से शरीर की फालतू चर्बी घट जाती है। छाछ का भी सेवन दिन में दो-तीन बार करें।

6. छोटी पीपल का बारीक चूर्ण पीसकर उसे कपड़े से छान लें। यह चूर्ण तीन ग्राम रोजाना सुबह के समय छाछ के साथ लेने से बाहर निकला हुआ पेट अंदर हो जाता है।

7. आंवले व हल्दी को बराबर मात्रा में पीसकर चूर्ण बना लें। इस चूर्ण को छाछ के साथ लेंं। कमर एकदम पतली हो जाएगी।

8. मोटापा कम नहीं हो रहा हो तो खाने में कटी हुई हरी मिर्च या काली मिर्च को शामिल करके बढ़ते वजन पर काबू पाया जा सकता है। एक रिसर्च में पाया गया कि वजन कम करने का सबसे बेहतरीन तरीका मिर्च खाना है। मिर्च में पाए जाने वाले तत्व कैप्साइसिन से भूख कम होती है। इससे ऊर्जा की खपत भी बढ़ जाती है, जिससे वजन कंट्रोल में रहता है।

9. एक चम्मच पुदीना रस को 2 चम्मच शहद में मिलाकर लेते रहने से मोटापा कम होता है।

10. सब्जियों और फलों में कैलोरी कम होती है, इसलिए इनका सेवन अधिक मात्रा में करें। केला और चीकू न खाएं। इनसे मोटापा बढ़ता है। पुदीने की चाय बनाकर पीने से मोटापा कम होता है।

11. खाने के साथ टमाटर और प्याज का सलाद काली मिर्च व नमक डालकर खाएं। इनसे शरीर को विटामिन सी, विटामिन ए, विटामिन के, आयरन, पोटैशियम, लाइकोपीन और ल्यूटिन मिलेेगा। इन्हें खाने के बाद खाने से पेट जल्दी भर जाएगा और वजन नियंत्रित हो जाएगा।

12. सुबह उठते ही 250 ग्राम टमाटर का रस 2-3 महीने तक पीने से पेट अंंदर हो जाता है।
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22/04/2017

prahlad das

आइये जानते हैं के एक बर्फ का टुकड़ा हमारी सुन्दरता को कैसे निखार सकता है , One piece of ice can enhance our beauty


1) कील मुंहासे या सन बर्न में :–
अगर आप अपने चेहरे पर होने वाले कील और मुंहासों से परेशान है तो बजारू क्रीमो का उपयोग करने की बजाये एक मलमल का कपड़ा लीजिये उस में एक बरफ का टुकड़ा डाल कर हलके हाथो से अपने चेहरे पर मालिश कीजिये आप इस से मिलने वाले परिणामों से दंग रह जये गे |

2) चेहरे की चरबी को कम करने के लिए :–

एक बर्फ का टुकड़ा आप के चेहरे की चरबी को कम करने में आप की बहत सहयता कर सकता है | एक बर्फ का क्यूब आप के चेहरे की चरबी को नियंत्रण रखने की क्षमता रखता है | 2-4 हफ्तों तक अपने चेहरे को बरफ के क्यूब के पानी से धोएं , आपके चेहरे की चर्बी कम हो जाये गी |
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3) बडे़ रोमछिद्र के लिए :–
अगर आप बड़े रोमछिद्रों से परेशान है तो बरफ के टुकड़े से 30 दिन में आपकी समस्या दूर हो सकती है | बरफ के टुकड़े को कॉटन के कपडे में लपेट कर तीस दिन लगातार मालिश करें , ठीक हो जयेगा |

4) आखों के लिये :–

दिन भर काम की थकान , देर रात जागना या लैपटॉप,कंप्यूटर पर काम करने के बाद अगर आप अपनी आखों पर बरफ की मालिश करो गे तो दिन के तनाव के साथ साथ आखों की सोज भी ठीक हो जये गी तथा आँखों में नई चमक आ जाये गी |

5) डार्क सर्कल के लिए:–
आंखों के नीचे के काले घेरों को दूर करने के लिए तरह-तरह के उत्पाद बाजार में मौजूद हैं. पर आप चाहें तो बर्फ का इस्तेमाल कर सकते हैं. ये कारगर होने के साथ ही सुरक्षित भी हैं. अगर आपको बेहतर परिणाम चाहिए तो आप खीरे के रस और गुलाब जल को आइस क्यूब ट्रे में डालकर जमा सकते हैं. इसके इस्तेमाल से डार्क सर्कल की समस्या बहुत जल्दी दूर हो जाएगी.

6) बर्फ के अन्य फायदे :–
गोरी और चिकनी त्वचा :- बर्फ त्वचा को गोरा और चिकना करने में मददगार है |

7) चेहरे के रोयें :- 
बर्फ के टुकड़े से चेहरे पर मालिश करने से चेहरे के रोएं हट जाते है |

8) सन बर्न :- 
गुलाब जल में बर्फ का टुकड़ा डाल कर रगड़ने से सन बर्न से तुरंत आराम मिलता है

9) शिकन हटाने के लिए :- 
आप के चेहरे पर किसी भी कारन पड़ी झुर्रियों , बर्फ की मालिश से ठीक हो सकती है 
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21/04/2017

prahlad das

सफेद बालों की समस्या से छुटकारा पाने के लिए घरेलू नुस्खें , White hair remove tips


अदरक को छीलकर मिक्सर में पीस लें। इसे छानकर रस निकाल लें। फिर अदरक के रस में शहद मिलाकर बालों की जड़ों में लगाएं। एक घंटे बाद बाल धो लें। लगातार यह उपाय करने से कम उम्र में सफेद हुए बाल फिर से काले हो जाएंगे।
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1 नारियल तेल में नींबू का रस मिलाकर स्कल्प पर लगाएं। यह उपाय रोज करें, सफेद बाल काले होने लगेंगे।

2 हफ्ते में दो बार गाय के दूध से बनी छाछ को बालों की जड़ों में लगाएं। कम उम्र में बाल सफेद नहीं होंगे।

3 नारियल तेल में करी पत्ता उबालें, जब करी पत्ते काले हो जाएं तो तेल को ठंडा करके बोतल में भर लें। इस तेल को रोजाना बालों में लगाएं, लाभ होगा।

4 लौकी को सुखाकर नारियल तेल में उबाल लें। इस तेल को छानकर बोतल में भर लें। इस तेल की मसाज करने से बाल काले हो जाएंगे।

5 कच्चे प्याज को टुकड़े कर मिक्सर में पीस लें। इसका रस बालों की जड़ों में लगाएं। नियमित उपयोग से कम उम्र में सफेद हुुए बाल काले हो जाते हैं। साथ ही, बाल गिरने भी कम हो जाते हैं।

6 दो चम्मच मेहंदी पाउडर, एक चम्मच दही,1चम्मच मेथीदाना पाउडर, तीन चम्मच कॉफी, दो चम्मच तुलसी पाउडर के मिश्रण को बालों में लगाएंं और तीन घंटे बाद सिर धो लें।

7 आधा कप दही में एक ग्राम काली मिर्च और थोड़ा नींबू का रस मिलाकर बालों में लगाएं, फायदा होगा।

8 अमरूद की पत्तियों का पेस्ट बनाकर बालों में लगाएं, लाभ होगा।

9 बाल धोने से पहले बालों में ऐलोवेरा जेल की मसाज करें। बाल घने और काले हो जाएंगे।

10 250 ग्राम सरसों के तेल में मेहंदी के पत्तों को उबालें। इस तेल को छानकर बोतल में भरकर रख लें। रोजाना रात को सोने से पहले बालों में लगाएं।

11 मेहंदी की पत्तियों में थोड़ा नींबू का रस मिलाकर पीस लें। इसमें एक चम्मच कॉफी पाउडर और एक अंडा मिलाएं। इस मिश्रण को बालों में लगाएं और 45 मिनट के बाद बाल धो लें।

12 ब्राह्मी की पत्तियों को पीसकर या इसका तेल बनाकर बालों में लगाएं, बाल काले होने लगेंगे।
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prahlad das

गर्मियों में घमौरियों से तुरंत आराम के लिए घरेलु नुस्खे, जरूर अपनाएँ!!


गर्मियों में घमोरियां होना एक आम बात है एक तो भयंकर गर्मी और उस पर बहते पसीने में ये घमोरियां, पुरे तन बदन में आग लगा देती हैं। घमोरियां ज़्यादातर गले पेट और पीठ पर अधिक प्रकोप दिखाती हैं। गर्मियों में घमौरियों से बचने के लिए भोजन में तड़का (छोंक) लगते समय प्याज और लहसुन और गर्म मसालों का प्रयोग नहीं करना चाहिए। कच्चा प्याज गर्मी से बचाता है तो छोंक लगा हुआ प्याज गर्मी करता है।
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अगर घमोरियां हो गयी हों तो ऐसे में आप तुरंत आराम के लिए निम्नलिखित प्रयोग अपना कर घमौरियों के कष्ट से तुरंत आराम पा सकते हैं।

बर्फ से घमौरियों का इलाज:
घमौरियां होने पर शरीर पर बर्फ मलने से ठंडक मिलती है।

मुलतानी मिट्टी से घमौरियों का इलाज:
शरीर पर मुलतानी मिट्टी का लेप करने से घमौरियां कुछ ही दिनों में मिट जाती हैं।

नारियल से घमौरियों का इलाज:
रोजाना सुबह और शाम नहाने के बाद नारियल के तेल में कपूर को मिलाकर पूरे शरीर पर मालिश करने से घमौरियां दूर हो जाती हैं।

मेहंदी से घमौरियों का इलाज:
शरीर में घमौरियां होने पर मेहंदी का लेप करने से घमौरियां कुछ ही समय में बिल्कुल खत्म हो जाती हैं।नहाते समय पानी में मेहंदी के पत्तों को पीसकर मिला लें। इस पानी से नहाने से घमौरियां ठीक हो जाती हैं और रोगी को राहत मिलती है।

नीम से घमौरियों का इलाज:
घमौरियां होने पर नीम की छाल को घिसकर चन्दन कीतरह शरीर पर लगाने से घमौरियां कुछ ही समय में ठीक हो जाती हैं। पानी में थोड़ी सी नीम की पत्तियां डालकर उबाल लें। इस पानी से नहाने से घमौरियां दूर हो जाती हैं।

चंदन से घमौरियों का इलाज:
सफेद चंदन को पानी के साथपीसकर शरीर पर लेप करने से घमौरियां ठीक हो जाती हैं।गुलाब जल में चंदन और कपूर को घिसकर घमौरियों पर लगाने से आराम आता है।

खसखस से घमौरियों का इलाज:

20 ग्राम खसखस को पीसकरपानी में मिलाकर घमौरियों पर लगाने से घमौरियों से राहत मिलती है। इसके अलावा 2 चम्मच खसखस के शर्बत को 1कप पानी में मिलाकर दिन में 2-3 बार पीने से भी घमौरियों में लाभ होता है।

अनानास से घमौरियों का इलाज:
घमौरियां होने पर अनान्नास का गूदा शरीर पर लगाने से रोगी को आराम होता है।

बड़हल से घमौरियों का इलाज:

बड़हल (बरहर) के पेड़ की छालकी फांट से त्वचा को धोने सेघमौरियां और फुन्सियां ठीक होजाती हैं।

सरसों से घमौरियों का इलाज:
पानी में बराबर मात्रा में सरसों का तेल मिलाकर सुबह और शाम मालिश करने से सिर्फ 3 दिनों में ही घमौरियां पूरी तरह से खत्म हो जाती है।

नारंगी से घमौरियों का इलाज:
नारंगी के छिलकों को सुखाकर उसका पाउडर बना लें। इसपाउडर को गुलाबजल में मिलाकर शरीर पर लेप करने से घमौरियों में लाभ होता है।

घी से घमौरियों का इलाज :
गाय या भैंस के असली घी की पूरे शरीर पर मालिश करने से घमौरियां मिट जाती हैं और दुबारा कभी होती भी नहीं हैं।

तुलसी से घमौरियों का इलाज:
तुलसी की लकड़ी को पीसकर चन्दन की तरह शरीर पर मलने से घमौरियां समाप्त हो जाती हैं।

समुद्रफेन से घमौरियों का इलाज:
समुद्रफेन के बारीक चूर्ण को गुलाब जल में मिलाकर शरीर पर लगाने से घमौरियों से राहत मिलती है।

करेला से घमौरियों का इलाज:
चौथाई कप करेले के रस में 1चम्मच खाने वाला मीठा सोडा मिलाकर दिन में 2 से 3 बार घमौरियों पर लेप करने से घमौरियां मिट जाती हैं।

आम से घमौरियों का इलाज:
कच्चे आम को धीमी आंच में भूनकर इसके गूदे का शरीर पर लेप करने से घमौरियों में आराम होता है।

धनिया से घमौरियों का इलाज:
बर्फ के पानी में 50 ग्राम धनिये के पानी को भिगो देना चाहिए। लगभग 5 घंटे बाद इस पानी को छानकर घमौरियों वाले स्थान पर लगाने से राहत मिलती है। यदि किसी छोटे तौलिये को इस पानी में भिगोकर घमौरियों पर रखा जाए तो रोगी को बहुत आराम मिलता है। इस प्रक्रिया को 2 दिन तक सुबह-शाम करने सेघमौरियां नष्ट हो जाती हैं। इसकेअतिरिक्त नींबू के रस में धनिया डालकर पीना भी घमौरियों में लाभकारी रहता है। ध्यान रहे कि घमौरियों के कारण शरीर में नमक की मात्रा कम होनेलगती है। इसलिए नमक का सेवन अवश्य ही करना चाहिए। यदि रोटी में नमक और अजवायन को मिला लिया जाएतो भी घमौरियों में बहुत आराम मिलता है।

लहसुन से घमौरियों का इलाज:
लहसुन की कलियों को पीसकर रस उसका रस निकाल लें। यह रस 3 दिन तक शरीर पर मलने से शरीर पर गर्मी से निकलने वाली घमौरियां मिट जाती हैं।

स्वदेशी पेय से घमौरियों का इलाज।
ऐसे में जौं या चने का सत्तू बहुत उपयोगी है। आर्टिफीसियल ड्रिंक्स की बजाये स्वदेशी ड्रिंक्स जैसे सत्तू, आम का पन्ना, निम्बू पानी, मट्ठा, छाछ आदि का सेवन करें।
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20/04/2017

prahlad das

कैसे करें निगेटिव थॉट्स को पॉजिटिव में कन्वर्ट


हम जो सोचते हैं, वो बन जाते हैं
Law Of Attraction (LOA) अर्थात् आकर्षित करने का नियम कहता है कि हम जो भी सोचते हैं उसे अपने जीवन में आकर्षित करते हैं, फिर चाहे वो चीज अच्छी हो या बुरी।

उदाहरण के लिए:
अगर कोई सोचता है कि वो हमेशा परेशान रहता है, बीमार रहता है और उसके पास पैसों कि कमी रहती है तो असल जिंदगी में भी ब्रह्माण्ड घटनाओं को कुछ ऐसे सेट करता है कि उसे अपने जिंदगी में परेशानी, बीमारी और तंगी का सामना करना पड़ता है।
वहीँ दूसरी तरफ अगर वो सोचता है कि वो खुशहाल है, सेहतमंद है और उसके पास खूब पैसे हैं तो LOA कि वजह से असल जिंदगी में भी उसे खुशहाली, अच्छी सेहत और समृद्धि देखने को मिलती है।

वास्तव में हम जो सोचते हैं, वो बन जाते हैं

हम वो हैं जो हमें हमारी सोच ने बनाया है, इसलिए इस बात का ध्यान रखिये कि आप क्या सोचते हैं. शब्द गौण हैं. विचार रहते हैं, वे दूर तक यात्रा करते हैं”

जो लोग LOA मानते हैं वे समझते हैं कि positive सोचना कितना ज़रूरी है…वे जानते हैं कि हर एक negative thought हमारी life को positivity से दूर ले जाती है और हर एक positive thought life में खुशियां लाती है। और किसी ने कहा भी है, अगर इंसान जानता कि उसकी सोच कितनी पावरफुल है तो वो कभी निगेटिव नहीं सोचता।

पर क्या हमेशा positive सोचना संभव है ?
यहीं पर काम आते हैं हमारे but लेकिन, किन्तु, परन्तु...

दोस्तों, वैसे तो ये शब्द ज्यादातर negative context में use होते हैं ..

आप लोगों को कहते सुन सकते हैं : मैं सफल हो जाता लेकिन... सब सही चल रहा था किन्तु...etc

पर हम इन शब्दों का प्रयोग negative sentences के अंत में करके उन्हें  positive में convert कर सकते हैं।

कुछ examples से समझते हैं :
जैसे ही आपके मन में विचार आये, दुनिया बहुत बुरी है  तो आप इतना कह कर या सोच कर रुके नहीं, तुरंत realize करें कि आपने एक negative sentence बोला है इसलिए तुरंत alert हो जाएं ..
और sentence को कुछ ऐसे पूरा करें----
”दुनिया बहुत बुरी है, लेकिन अब चीजें बदल रही हैं, बहुत से अच्छे लोग समाज में अच्छाई का बीज बो रहे हैं और सब ठीक हो रहा है “

कुछ और examples देखते हैं 
मैं पढ़ने में कमजोर हूँ, लेकिन अब मैंने मेहनत शुरू कर दी है और जल्द ही मैं पढ़ाई में भी अच्छा हो जाऊँगा।

मेरा boss बहुत bad है,
पर धीरे -धीरे वो बदल रहे हैं और उनको ज्ञान भी बहुत है, मुझे काफी कुछ सीखने को मिलता है उनसे।

मेरे पास पैसे नहीं हैं,
लेकिन मुझे पता है मेरे पास बहुत पैसा आने वाला है, इतना कि न मैं सिर्फ अपने बल्कि अपने अपनों के भी सपने पूरे कर सकूँ।

मेरे साथ हमेशा बुरा होता है,
लेकिन मैं देख रहा हूँ कि पिछले कुछ दिनों से सब अच्छा अच्छा ही हो रहा है, और आगे भी होगा।

मेरे बच्चे की शादी नहीं हो रही,
परंतु अब मौसम शादीयों का है, भाग्य ने उसके लिए बहुत ही बेहतरीन रिश्ता सोच रखा होगा, जो जल्द ही तय होगा।

प्यारें दोस्तों, यहाँ सबसे महत्वपूर्ण बात है ये realize करना कि कब आपके मन में एक* Negative thought आई है और तुरंत alert हो कर ...
इसे “लेकिन” लगा कर positive में convert कर देना*

और ये आपको सिर्फ तब नहीं करना जब आप किसी के सामने बात कर रहे हो।

सबसे अधिक तो आपको ये अकेले रहते हुए अपने साथ करना है, आपको अपनी सोच पर ध्यान देना है, aware रहना है कि आपकी thoughts positive हैं या negative ??

और जैसे ही negative thought आये आपको तुरंत उसे positive में mould कर देना है।

और एक चीज आप इस बात की चिंता ना करें की आपने ‘लेकिन‘ के बाद जो लाइन जोड़ी है वो सही है या गलत,

आपको तो बस एक सकारात्मक वाक्य जोड़ना है, और आपका subconscious mind उसे ही सही मानेगा और ब्रह्माण्ड आपके जीवन में वैसे ही अनुभव प्रस्तुत करेगा !

ये तो आसान लग रहा है!! 
हो सकता है ये आपको बड़ा simple लगे, कुछ लोगों के लिए वाकई में हो भी, पर maximum लोगों के लिए thoughts को control करना और उनके प्रति aware रहना चैलेंजिंग होता है।

इसलिए अगर आप इस तरीके को practice करते वक़्त कई बार negative thoughts को miss भी कर जाते हैं तो no need to worry…

जैसे तमाम चीजों को practice से सही किया जा सकता है वैसे ही thoughts को भी practice से positivity me Mould किया जा सकता है।
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prahlad das

1 महिने मे 7-10 kg वजन घटाने वाला ग्रीन ज्युस,

बनाने कि विघि
हरा धनिया       -   50 GMs
अदरक             -    4  GMs
करेला              -    25 GMs
निंबु का रस       -    2 tspoon
कडी पत्ता         -    2-5 GMs
सेंधा नमक.       -    2 GMs
पानि                -    २ ग्लास

उपर बताई चीजों को मिक्स करके २ ग्लास पानी मिलाकर मिक्शर पर क्रश करके ज्युस बनाले. फिर इसे छानकर सुबह खाली पेट रोज पिऐ. ३० मिनिट तक कुछ भी ना खाये.


Benefit of juice 
१ महिने मे ७-१० किलो वजन घटेगा.
पेट ऐवं जांधो कि चबीँ कम होगि.
स्किन ग्लो करने लगती है.
पाचन तंञ सुधरता है.
थाईराईड का बेस्ट ज्युस
सुगर कन्टरोल होति है.
चर्मरोग ठिक होते है.
ब्लड प्रेशर कन्ट्रोल होता है

यह आयुर्वेदिक चाय सबसे तेज़ मोटापा कम करती है
यदि आप बगैर व्यायाम, योगासन आदि किए या अधिक कठिन डायटिंग किए बिना मोटापा घटाना चाहते हैं या अपने शरीर को अच्छे आकार (shape) में रखना चाहते हैं तो आपके लिए यहाँ है सरल सीधा व कारगर आयुर्वेदिक उपाय; जिसे आप घरेलू नुस्खा भी कह सकते हैं ।

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वज़न कम करने में आयुर्वेद के उपाय बहुत सहायक व असरदार है आयुर्वेदिक विशेषज्ञों की सलाह है कि यदि हम रोजाना कुछ खास किस्‍म के मसालों का प्रयोग नियमित समय पर करें, तो हमारा वजन काफी कम हो
सकता है ।

इन मसालों में जीरा, हरी धनिया, काली मिर्च, सौंफ और दालचीनी आदि शामिल है, ये मसाले ना केवल पाचन क्रिया को दुरुस्‍त करते हैं, बल्‍कि शरीर से दूषित पदार्थ भी बाहर निकालने में सहायक होते हैं। इनसे बनी चाय नियमित रूप से पीने पर आपकी त्‍वचा भी साफ एवं स्वस्थ्य हो जाएगी ।
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19/04/2017

prahlad das

सिर्फ सात दिन में बवासीर की छुट्टी,

यह नुस्खा एक महात्मा से प्राप्त हुआ और मरीजो पर प्रयोग करने पर 100 में से 90 मरीज लाभावान्तित हुए यानि कि 90 प्रतिशत सफल है तो आइये जाने आप उस नुस्खे के बारे में -

अरीठे के फल में से बीज निकाल कर शेष भाग को लोहे की कढाई में डालकर आंच पर तब तक चढ़ाए रखे जब तक वह कोयला न बन जाए जब वह जल कर कोयले की तरह हो जाए तब आंच पर से उतार कर सामान मात्रा में पपडिया कत्था मिलाकर कपडछन चूर्ण कर ले बस अब ये औषिधि तैयार है -
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इस तैयार औषिधि में से एक रत्ती(125मिलीग्राम) लेकर मक्खन या मलाई के साथ सुबह-शाम लेते रहे -इस प्रकार सात दिन तक दवाई लेनी होती है -

इस औषिधि के मात्र सात दिन तक लेते रहने से ही कब्ज,बवासीर की खुजली,बवासीर से खून बहना आदि दूर होकर मरीज को राहत महसूस करने लगता है -

यदि मरीज इस रोग के लिए सदा के लिए छुटकारा पाना चाहे तो उन्हें हर छ: महीने के बाद फिर से 7 दिन का यह कोर्स बिलकुल इसी प्रकार दुहरा लेना चाहिए -

अरीठे के अन्य भाषा में क्या नाम है जान ले -
संस्कृत - अरिष्ट ,रक्तबीज,मागल्य
हिन्दी- रीठा,अरीठा ,
गुजराती- अरीठा
मराठी- रीठा
मारवाड़ी-अरीठो
पंजाबी- रेठा
कर्नाटक-कुकुटेकायि
ध्यान रक्खे कि औषिधि लेते समय सात दिन नमक का सेवन बिलकुल नहीं करना है -
देशी इलाज में पथ्यापथ्य का विशेष ध्यान रक्खा जाता है कई रोगों में तो दवाई से जादा तो पथ्य आहार जादा कारगर होता है -

क्या खाए-
मुंग या चने की दाल.कुल्थी की दाल,पुराने चावलों का भात ,सांठी चावल,बथुआ,परवल,तोरई,करेला,कच्चा पपीता,गुड,दूध,घी,मक्खन,काला नमक,सरसों का तेल,पका बेल ,सोंठ आदि पथ्य है रोगी को दवा सेवन काल में इसका ही सेवन करना चाहिए-

क्या न खाए-

उरद ,धी,सेम,भारी तथा भुने पदार्थ ,घिया ,धूप या ताप, अपानुवायु को रोकना,साइकिल की सवारी,सहवास,कड़े आसन पर बैठना आदि ये सभी बवासीर के लिए हानि कारक है
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