30/04/2017

Sagar Das

इन घरेलू उपायों से एक मि‍नट में दूर हो जाएगा सिर दर्द, Get rid of headache


1. तेज़ पत्ती की काली चाय में निम्बू का रस निचोड़ कर पीने से सर दर्द में अत्यधिक लाभ होता है.

२ .नारियल पानी में या चावल धुले पानी में सौंठ पावडर का लेप बनाकर उसे सर पर लेप करने भी सर दर्द में आराम पहुंचेगा.

३. सफ़ेद चन्दन पावडर को चावल धुले पानी में घिसकर उसका लेप लगाने से भी फायेदा होगा.

४. सफ़ेद सूती का कपडा पानी में भिगोकर माथे पर रखने से भी आराम मिलता है.

५. लहसुन पानी में पीसकर उसका लेप भी सर दर्द में आरामदायक होता है.


loading...

६. लाल तुलसी के पत्तों को कुचल कर उसका रस दिन में माथे पर २ , ३ बार लगाने से भी दर्द में राहत देगा.

७. चावल धुले पानी में जायेफल घिसकर उसका लेप लगाने से भी सर दर्द में आराम देगा.

८. हरा धनिया कुचलकर उसका लेप लगाने से भी बहुत आराम मिलेगा.

९ .सफ़ेद  सूती कपडे को सिरके में भिगोकर माथे पर रखने से भी दर्द में राहत मिलेगी.

१०  ग्वारपाठे का रस निकालकर उसमें गेहूं का आटा मिलाकर उसकी 2 रोटी बनाकर सेंक लें। इसके बाद रोटी को हाथ से दबाकर देशी घी में डाल दें। इसे सुबह सूरज उगने से पहले इसे खाकर सो जाएं। इस प्रकार 5-7 दिनों तक लगतार इसका सेवन करने से किसी भी प्रकार का सिर दर्द हो वह ठीक हो जाता है।

११ सिर में दर्द होने पर ग्वारपाठे के गूदे में थोड़ी मात्रा में दारुहरिद्रा का चूर्ण मिलाकर गर्म करें और दर्द वालें स्थान पर इसे लगाकर पट्टी कर लें इससे दर्द ठीक हो जाएगा।

१२.अनार के छाया में सुखाये हुए आधा किलो पत्तों में आधा किलो सूखा धनिया मिलाकर महीन चूर्ण कर लें, इसमें 1 किलो गेहूं का आटा मिलाकर, 2 किलो गाय के घी में भून लें, ठंडा होने पर 4 किलो चीनी मिला लें। सुबह-शाम गर्म दूध के साथ 50 ग्राम तक सेवन करने से सिर दर्द और सिर चकराना दूर होता है।

१३ अनार की छाल को घिसकर सिर पर लेप करें, इससे सिर का दर्द तथा आधाशीशी (माइग्रेन) में भी लाभ होता है।

औषधियों के नुस्खे
1) 50 से 200 मि.ली. छाछ में जीरा और सेंधा नमक डालकर उसके साथ निर्गुण्डी के पत्तों का 20 से 50 मि.ली. रस पीने से वात रोगों से मुक्ति मिलती है।(2) रसवंती के साथ शहद मिलाकर लगाने से डिप्थिरिया,टॉन्सिल, गले के रोग, मुँह का पकना,भगंदर, गंडमाल आदि मिटते हैं।

(3) मेथी की सब्जी का नियमित सेवन करने से अथवा उसका दो-दो चम्मच रस दिन में दो बार पीने से शरीर में कोई रोग नहीं होता। 

(4) असगंध का चूर्ण, गुडुच का चूर्ण एवं गुडुच का सत्व1-1 तोला लेकर उसमें घी-शहद (विषम-मात्रा) में मिलाकर दो महीने तक (शिशिर ऋतु में) में खाने से कमजोरी दूर होकर सब रोग नष्ट हो जाते हैं। 

(5) स्वच्छ पानी को उबालकर आधा कर दें। ऐसा पानी बुखार, कफ,श्वास,पित्तदोष,वायु, आमदोष तथा मेद का नाशक है।

(6) प्रतिदिन प्रातःकाल 1 से 3 ग्राम हरड़ के सेवन से हर प्रकार के रोग से बचाव होता है।

महात्मा प्रयोगः हरड़ का पाँच तोला चूर्ण एवं सोंठ का ढाई तोला चूर्ण लेकर उसमें आवश्यकतानुसार गुड़ मिलाकर चने जितनी गोली बनायें। रात्रि को सोते समय 3 से 6 गोली पानी के साथ लें। जब जरूरत पड़े तब तमाम रोगों से उपयोग किया जा सकता है। यह कब्जियत को मिटाकर साफ दस्त लाती है
Read More

29/04/2017

Sagar Das

ये गोली आपके चेहरे पर ले आयेगी गजब का निखार!


खूबसूरत दिखना सब लोग चाहते है । इसी चाह में महिलायें महंगे से महंगे ब्यूटी पार्लर में जाकर खूब पैसे खर्च करती हैं इससे चेहरे पर निखार तो आता है लेकिन वो ज्यादा समय टिक पता है। 

लेकिन अगर आप चाहते हैं कि बिना पैसे खर्च किये ही चेहरे का ये निखार ऐसे ही बना रहे तो हम आपको एक जादुई गोली के बारे में बता रहे हैं। ये गोली आपको किसी भी मेडिकल स्टोर पर आसानी से मिल जायेगी।
loading...


जी हां, ये गोली वाकई जादुई है लेकिन इसे आपको खाना नही है बल्कि फेसपैक बनाकर चेहरे पर लगाना है। कई बीमारियों में पायी जाने वाली एस्प्रिन हमारी सौन्दर्य के लिये बहुत फायदेमंद है।

एस्प्रिन से बने फेसपैक को चेहरे पर लगाने से चेहरे की गंदगी तो निकलती है साथ ही कई त्वचा संबंधी बीमारियों में भी ये लाभदायक है। आइये आपको बताते हैं कि इससे फेसपैक बनाने के लिये क्या करें।

सबसे पहले इसे किसी कागज में रखकर बारीक पीस लें। एक छोटे से बाउल में एक चम्मच दही और शहद लेकर मिलायें और फिर उसमें एस्प्रिन का पाउडर डालकर पेस्ट तैयार करे। 

चेहरे पर गर्मपानी में निचोड़ा गया टॉवल रख लें जिससे आपके रोमछिद्र खुल जायें। ऐसा करने से इस फेस पैक का असर बहुत ज्यादा होगा। अब चेहरे पर तैयार किया गया ये फेस पैक लगाकर आधे घंटे के लिये सूखने दें। फेस पैक लगाते समय ध्यान रहे कि ये आंखों में न लगे|

आधे घंटे बाद गुनगुने पानी से धोकर पैक हटा लें। इससे आपके चेहरे पर निखार तो आयेगा ही साथ ही त्वचा में कसावट भी आयेगी। चेहरे के अलावा आप इसे काली पड़ी कोहनी और घुटनों पर भी लगा सकते हैं।

बेहतर परिणाम के लिये इस पैक को हमेसा शाम के समय ही लगाये। माह में 1-2 बार आप इसका प्रयोग कर सकती हैं। दिन के समय इसके प्रयोग से एलर्जी या त्वचा में इंफेक्शन की संभावना हो सकती है। अगर इसे लगाने से आपको एलर्जी हो रही है तो इसका प्रयोग न 

करेंसावधान! अगर किया नींबू का ज्यादा यूज, तो हो सकती है परेशानी।
Read More
Sagar Das

गुर्दे और मूत्राशय की पत्थरी में रामबाण तरबूज के बीज।

इस गर्मी तरबूज आएंगे तो उनको खाने के बाद जो बीज आप फेंक देते हो वो बीज इस बार फेंकिएगा मत। इनसे बनेगी गुर्दे की पत्थरी की अचूक दवा। तरबूज के बीजो की मींगी(गिरी) पत्थरी में रामबाण है। सिर्फ 5 से 7 दिन में गुर्दे और मूत्राशय की पत्थरी निकालने में बहुत सक्षम है। तीन से सात दिन प्रयोग करने के बाद अपना रिजल्ट ज़रूर बताएं। आइये जाने ये प्रयोग।

loading...


तरबूज के बीजो का छिलका निकाल लें और ऐसी तरबूज के बीजों की मींगी 12 ग्राम लेकर सिल बट्टे पर पानी के साथ खूब बारीक घोट पीस लें। जितना अधिक घोटा जाए उतना ही लाभकारी रहेगा। फिर इसमें 500 ग्राम पानी अच्छी तरह मिला लें। अंत में ज़रुरतानुसार इतनी पीसी हुयी मिश्री मिला लें के ये मीठा हो जाए। इस तरबूज के बीज की सर्दाई को एक बार में धीरे धीरे करके पी जाएँ। एक बार में न पी सकें तो पांच मिनट के अंतर पर दो बार में पी जाएँ। आवश्यकतानुसार तीन से सात दिन तक लें। ये प्रयोग तीन से सात दिन तक रोज़ सुबह खाली पेट लेना है। अगर पत्थरी बड़ी हो तो थोड़े दिन ज़्यादा भी करना पड़ सकता है।

पत्थरी का यह सरल और शीघ्र प्रभावोत्पादक प्रयोग है। इस प्रयोग से गुर्दे और मूत्राशय (मसानों) की पत्थरी जड़ से समाप्त हो जाती है।
इस प्रयोग से हृदयताप तथा हृदय के अनेक रोग भी नष्ट होते हैं।

मधुमेह के रोगी बिना मिश्री यह प्रयोग करें।
Read More

28/04/2017

Sagar Das

भगाए योनी का बुढापा , बनाए कुँवारी जैसी टाईट, बस 1 मिनट काफी है I

कुँवारी बनाने ले लिए सफ़ेद बेलमधुचूस, मोती की बाहरी परत का महीन पाउडर , बोर्निओल , समुद्री झाग शुद्ध की हुई , मदुरा घास की जड़ , फिटकरी , कपूर को मिलाकर पेस्ट बना लें . अब इसकी लगभग 4 – 5 इंच लम्बी और लगभग 1 से पौन इंच चौड़ी गोल बत्ती बना लें . ध्यान रहे की दोनों किनारों पर थोड़ी नुकीली रहे . अब इसे सुखा लें . 
loading...


ये बत्ती लगभग 50 बार इस्तेमाल की जा सकती है और 3 महीने तक इस्तेमाल की जा सकती है . 
इस्तेमाल करने का तरीका : योनी और बत्ती दोनों को साफ़ पानी से धो लें . ध्यान रहे की बत्ती को 5 सेकेण्ड से ज्यादा न धोएं . पीठ के बल आराम से लेट जाएँ और कूल्हों को थोडा उठा लें , तब इसका इस्तेमाल करें . बत्ती पर जोर न डालें .  सम्भोग से आधे से एक घंटे पहले बत्ती का तीन चौथाई हिस्सा योनी में डालकर धीरे धीरे दोनों तरफ 1 से 2 मिनट (आवश्यकतानुसार ) घुमाएं . उसके बाद धीरे धीरे घुमाते हुए बाहर निकाल लें , निकालने में जल्दबाजी न करें . 

अब बत्ती को धोकर और टिशु पेपर या साफ़ तौलिये से सुखाकर अगले इस्तेमाल के लिए रख लें . बत्ती को गिरने से बचाएं , अन्यथा टूट जायेगी . 

ध्यान रहे की बहुत ज्यादा देर बत्ती को अन्दर न रखें नहीं तो पहलवान को भी गेट खोलने में दिक्कत होगी क्योंकि इस बत्ती के इस्तेमाल से योनी कुँवारी महिला के जैसी टाईट हो जाती है . 

विशेष : इस बत्ती के इस्तेमाल से पुरानी ढीली त्वचा निकल जाती है , इसलिए शुरू में कुछ बार इस्तेमाल करने के बाद कागज़ की लुगदी जैसा कुछ बाहर निकलता है . 

इसे जरुरत के अनुसार हर तीसरे या चौथे दिन इस्तेमाल किया जा सकता है . कुछ ही दिनों के बाद नयी टाईट त्वचा आ जाती है . 

अगर बत्ती डालने के बाद योनी में जलन महसूस हो तो इसका मतलब है की आपकी योनी में पहले से ही इन्फेक्सन है . इस स्थिति में योनी को और बत्ती को दुबारा धोकर इस्तेमाल करें . 

इन्फेक्सन की स्थिति में रोजाना 3 – 4 बार इस्तेमाल करने पर इन्फेक्सन की समस्या बहुत जल्द दूर हो जाती है . 

अगर इस बत्ती के साथ कसिप फातिमा का भी सेवन कराएं तो महिला सर से लेकर पैर तक जवान हो जाती है . अगर वजन ज्यादा है तो वजन कम करने वाली दवा हमसे ले सकते हैं मनी बैक गारंटी के साथ . 

नोट : गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलायें, कुँवारी महिला और पीरियड के समय प्रयोग न करें . 
Read More
Sagar Das

शीघ्रपतन ठीक करने के आयुर्वेदिक नुस्खा


रामराज मे दूध मिला था कृष्ण राज मे घी  मोदी राज मे चाय मिली है फूंक फूंक के पी 
याद आया सीघ्र पतन वाले चाये से बचें वरना दवांये फायदा ना करेंगी सीघ्रपतन जिसे उर्दू मे सुरअत अंजाल कहते हैं 

इसके मरीज आज 80% हैं और लड़कियों मे लिकोरिया पीरियड की कमी या जादती जादा तो कम हैं पर कमी या दर्द से होने का रोना तो करीब हर जगह है। 

मै अपनी पोस्टें सिर्फ लोगों की परेशानी दूर करना है अय्यासी के लिये नहीं मालिक करे जिसके मन मे अय्यासी हो उससे मेरे नुसखा ही ना बनें


loading...
लो नुस्खा पेश है अपनी मायूसियों को खुशियो से बदल लो मगर ठहरे मेरी हारमोंस वाली पोस्ट की  थी उससे भी यही फायदा है मगर मैने तारीफ नही की थी तो लोग नही समझे जो मेरी कोई एक दवा बनाये और पूरी मेहनत परहेज करे और कसम खाकर कहे के मुझे फायदा नही हुआ मै उसके सारे पैसे की जिंम्मेदारी लेता हूं धर्म संकट मे मत पडो भाई मैने असगंध वाली पोस्ट की थी कोई भाई करके देखता एक रात मे अगर दस बार से कम होता तो मुझे बेइज्जत करता मगर आप लोग तो बस वाह वाह कहके रह जाते हो मै भी गरम दिमाग का हूं पता नही कब सनक जाउं और खाता हटा दूं तो भाइयो फ्री मे सच मुच ये गुरूप अमरत बांट रहा है ले लो पता नही कल हो ना हो करो रिजेल्ट दो आपको फायदा सुनके हमे खुशी होगी 

हां तो मै कहां था सीघ्रपतन मे लो पढो़ ये 1885 से अपनी धूम मचा रहा है जो लोग हर हर इलाज करके थक चुके हों बचपन की गलत कारियों मे फंस कर सबकुछ गंवा बैठे हो हर तरफ अंधेरा ही अंधेरा नजर आता हो औलाद की इच्छा हो मनी की दो चार बूंदे ही निकलती हो फायर मिस हो जाता हो स्पिरिंग बिलकुल लूज हो गई हो औलाद पैदा करने वाले कीटाडू़ बन जाते हैं  इतनी चरबी चढ़ जाती है के 80 साल वाले भी अपनी हम उमर से ilu ilu करे बगैर नही रह सकते ये मै लफ्फाजी नही कर रहा हू सच्चाई बता रहा हूं बडी बडी़ कीमती दवा जो पचास पचास हजार की होती हैं उनसे सैकडों गुणा तेज और जल्दी असर करती है पचासो साल तक इंजन का बोर काम करता रहता है 

पिस्टन कभी घिसता नही एक बार आयल फुल होने पर नान स्टाप चालिस साल तक कम नही होता दम बनी रहती है कमजोरी बिलकुल नही होती नुसखा ये है   

ताल मखाना बीजबंद उटंगन के बीज तीनो १-१ तोला  - सालब मिश्री  शकाकुल मिश्री मूसली स्याह मूसली सफेद चारों २-२ तोला फूल मखाना सिंघाडेय का आटा  दोनो ४-४ तोला कमरकस ६ तोला  

पहले सारी चीजे अलग अलग  पीसें कपडे से छाने फिर तौल कर मिलायें  उसके बाद पूरी दवा के बराबर पिसी छनी खांड मिला दे बस तैयार है एक महीना सबर से खांयें बीच बे काम देवता कितना भी परेशान करें उन्हे एक महीने बाद का टाईम बता दो 

सेवन विधि- १० ग्राम सुबह शाम गाय के पाव भर दूध से खाये सुबह खाली पेट शाम को खाने से एक घंटे बाद मै कहता हूं हफ्ते भर मे ही इधर उधर जुगाड़ देखने लगोगे मगर खबर दार प्रलय भी आ जाये परहेज मे दाग ना लगने पाये

परहेज गरम बादी चीजे गुड़ कडुवा तेल मीठा खा सकते हो बाजार की तली चीजे चाट गोल गप्पे और संभोग कला का प्रदर्शन तो बिलकुल ही ना करें  सिर्फ और सिर्फ एक महीना

बद परहेजों का दुनिया मे कोइ इलाज नही बस दवा खाये जा जिये जा दवा बंद सांसे बंद
Read More

27/04/2017

prahlad das

कोलेस्ट्रॉल कम करने के घरेलू उपाय और नुस्खे । High Cholesterol Home Remedies Tips in Hindi


1 आंवले और निम्बू का सेवन करे।

2 प्याज और लहसुन के रस से भी फायदा मिलता है।

3 इसबगोल बीजों का तेल आधा चम्मच हर रोज दो बार ले।

4 कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल में रखना है तो अंकुरित कीहुई दालें खाये।

5 कच्चा लहसुन सुबह खाली पेट खाने पर कोलेस्ट्रॉल कम होने लगता है।
loading...


6 सोयाबीन तेल खाने में प्रयोग करे, कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल करनेका ये उत्तम उपाय है।

7 धूम्रपान तम्बाकू शराबऔर किसी भी प्रकार की नशीली चीज के सेवन से परहेज करे।

8 कोलेस्ट्रॉल लेवल कंट्रोल में रखने के लिए थोड़ा सा दालचीनी पाउडर दूध में मिला कर पिए।

9 कच्चा एलोवेरा (ग्वार पाठा) हर रोज पचास ग्राम खाली पेट खाने से रक्त मेंकोलेस्ट्रॉल कम होता है।

10 दो चम्मच धनिया के दाने रात को एक गिलास पानीमें भिगोये, सुबह इसे पिए और धनिया के दानों को चबा कर खाये। हमेशा खाना खाने के बाद गरम पानी पीऐ।
Read More

26/04/2017

Sagar Das

अगर आपका लिंग छोटा या पतला है तो करें ये उपचार! If your penis is small or thin then do these treatments !!


मेरे देश  वासियों कहां यार फेक आइडियो मे लड़कियो के चक्कर मे परेशान हो ये पढो कुछ फायदा होगा ये तो ak 56 ki होती है1996 बताती हैं और आप जैसे पढे़ लिखे होशियार जो कभी अपनी मा बहन को कैसी हो नही पूछते उनके आगे पीछे चक्कर मत लगाते रहते हो लो ये शानदार तोहफा इसमे पचपन वाला बी बचपन का बन जायेगा पोस्ट कैसी रही बताना जरूर पंसद मत करना वैसेवना कमेंट मे ना पसंद मे मुझे कोई बेनी फिट नही है ना मे लइक कराने के लिये पोस्ट करता हूं मगर क्या करूं आप को लइक करने पर मजबूर ही होना पड़ता है

loading...

पेनिस का रोना रोने वाले सुने
नारियल तो रोज ही देवी देवताओ दरगाहों मे चढाते फोडते होगे कोई मंहगा भी नही है एक नारियल ले लो जो सूखा हो मगर सडा ना हो अगर पानी हो तो थोडा़ आंख मे छेद करके पानी निकाल दो मगर बिलकुल कच्चा ना हो और ऩारियल मे भेड़ का ताजा़ दूध भर कर किसी डाट वगैरा से बंद करके किसी कोने मे डाल कर महीने तक के लिये भूल जाओ जब देखो के अंदर सूख गया तो फोड़ कर देखो जो कुछनिकले उसके वजन बराबरशहद मिलाकर घोंट ले  और खुले मुह की शीशी मे रखले अब पहले लिंग को गरंम पानी से साबुन लगा कर धोंये और सूती कपडे से पोंछ कर थोडी दवा लेकर लिंग मे मालिश करें और दस मिनट बाद पान का पत्ता सेंक कर लिंग मे पट्टी जैसा लपेट कर कच्चा धागा पान के ऊपर से लपेट दें पान गिरने ना पाये  दस दिन मे आपकी मरजी जितना मोटा बडा हो जायगा बहोत खुश होने की जरूरत नही पहले सीघ्र पतन दूर करलें और तेज़ हिस को दबा लें नही तो मर्दन करने  मे  ही निकल जायेगा 

नोट स्तन बडे करने मे भी काम मे ले सकते हैं इससे दबे और छोटे  स्तन बडे हो जाते है मगर मसाज दस मिनट करके सिर्फ पान का पत्ता सेंकर बां ले और ब्रा पहन लेना है
Read More
prahlad das

कुत्ते के काटने का आयुर्वेदिक इलाज ! कभी भी आपके काम आ सकता है, Ayurvedic treatment of dog bite


कुत्ते के काटने के बाद 24 घंटे के भीतर किसी भी कीमत पर करें ये कामकुछ लोगों को इस बात की जानकारी नहीं है कि कुत्ते के काटने के बाद सबसे पहले क्या करना चाहिए।

लोग घबराकर आनन-फानन में गलत कदम उठा लेते हैं। मुंबई स्थित सनसाइन हॉस्पिटल में कंसल्टेंट फिजिशन डॉक्टर संदीप सोनवणे के अनुसार, कुत्ते के काटने से रेबीज होने की अधिक संभावना होती है। इसलिए सुरक्षित रहने के लिए तुरंत इलाज कराना सबसे जरूरी है।

कुत्ते के काटने के तुरंत बाद आपको ये काम करने चाहिए कटे हुए घाव पर भूलकर भी कपड़ा ना बांधे। घाव खुला रखें।

घाव वाले हिस्से को साबुन से धोएं। अगर घर में शराब  है, तो उससे धोएं। शराब का एंटीसेप्टिक प्रभाव पड़ता है।
24 घंटे के अंदर डॉक्टर को दिखाएं और इन्फेक्शन से बचने के लिए पहला इंजेक्शन लगाएं।

ऐसे कराएं इलाज
डॉक्टर के अनुसार, इसका इलाज इस बात पर निर्भर करता है कि कुत्ते ने कितनी जोर से काटा है। इसके लिए घाव को साफ़ करना और इंजेक्शन जरूरी है।

मामूली खरोंच के लिए टीका लगवाना सबसे प्रभावी है। अगर कुत्ते ने गहरा काटा है, तो एंटी-रेबीज इम्युनोग्लोबुलिन जरूरी है। ज्यादातर मामलों में डॉक्टर टांकें लगाने से बचते हैं, इससे दूसरे अंग प्रभावित हो सकते हैं।

अगर पालतू कुत्ते ने काटा है तो तीन टीके लगाने होते हैं। यानि पहला टीका कुत्ते के काटने के एक दिन बाद, दूसरा तीन दिन बाद और तीसरा सात दिन बाद।

अगर आवारा कुत्ते ने काटा है, तो आपको तीसरे टीके के बाद एक हफ्ते के अंतराल में पांच से सात टीके लगवाने होंगे।
loading...


हल्की खरोंच के मामले में आपको कम से कम तीन टीके लगवाने होंगे।
इससे निपटने के लिए अधिकतर लोग घाव पर लोशन लगा लेते हैं। वास्तव में इससे निपटने के लिए इलाज ही जरूरी है। रेबीज एक वायरल इन्फेक्शन है इस पर एंटीबैक्ट्रियल लोशन लगाने से कोई असर नहीं होता है।

कई लोग इस बात से अंजान हैं कि कुत्ते के काटने पर अगर सही से इलाज ना कराया जाए, तो इससे व्यक्ति की मौत भी हो सकती है।

कुत्ते के काटने का इलाज ! कभी भी आपके काम आ सकता है
अगर घरेलु कुत्ता काटे तो कोई दिक्कत नही है पर पागल कुत्ता कटे तो समस्या है। सड़क वाला कुत्ता काटले तो आप जानते है नही, उसको इंजेक्शन दिए हुए है या नही, उसने काट लिया तो आप डॉक्टर के पास जायेंगे फिर वो 14 इंजेक्शन लगाएगा वो भी पेट में लगाता है, उससे बहुत दर्द होता है और खर्च भी हो जाता है कम से कम 50000 तक कई बार, गरीब आदमी के पास वो भी नही है । कुत्ता कभी भी काटे, पागल से पागल कुत्ता काटे, घबराइए मत, चिंता मत करिए बिलकुल ठीक होगा वो आदमी बस उसको एक दावा दे दीजिये ।

दावा का नाम है Hydrophobinum   (ये आपको होमोपेथिक स्टोर से मिलेगी) और इसको 10-10 मिनट पर जिव में तिन ड्रोप डालना है । कितना भी पागल कुत्ता काटे आप ये दावा दे दीजिये और भूल जाइये के कोई इंजेक्शन देना है। इस दावा को सूरज की धुप और रेफ्रीजिरेटर से बचाना है। रेबिस सिर्फ पागल कुत्ता काटने से ही होता है पर साधारण कुत्ता काटने से  रेबिस नही होता।


आवारा कुत्तों अगर काट दिया है तो राजीव भाई के अनुसार आप अपना मन का बहम दूर करने के लिए ये दावा दे सकते है लेकिन उससे कुछ नही होता वो हमारा मन का बहम है जिससे हम परेशान रहते है, और कुछ डर डॉक्टरों ने बिठा रखा है कि इंजेक्शन तो लेना ही पड़ेगा।

अपने शरीर में थोड़े बहुत resistance सबके पास है अगर कुत्ते के काटने से उनके लारग्रंथी के कुछ वायरस चले भी गये है तो उनको ख़तम करने के लिए हमारे रक्त में काफी कुछ है और वो ख़तम कर ही लेता है । लेकिन क्योंकि मन में भय बिठा दिया है शंका हो जाती है हमको confirm नही होता जबतक 20000-50000 खर्च नही कर लेते ये उस समय लिए राजीव भाई ने ये दावा लेने की बात कही है। और इसका एक एक ड्रोप 10-10 मिनट में जिव पे तिन बार डाल के छोड़ दीजिये । 30 मिनट में ये दावा सब काम कर देगा ।

कई बार कुत्ता घर के बच्चों से साथ खेल रहा होता है और गलती से उसका कोई दाँत लग गया तो आप उस जखम में थोडा हल्दी लगा दीजिये पर साबुन से उस जखम को बिलकुल मत धोये नही तो वो पक जायेगा, हल्दी Antibiotic, Antipyretic, Antitetanatic, Anti-inflammatory है।
Read More

25/04/2017

prahlad das

निमोनिया के लक्षण और घरेलू उपचार, Pneumonia symptoms and home remedies


सर्दी का लगना बेहद खतरनाक होता है। सर्दी के असर से सभी लोग प्रभावित होते हैं। लेकिन छोटे बच्चों को ठंड बड़ी जल्दी लग जाती है। जिसकी वजह से वे कई तरह के रोगों से ग्रसित हो जाते हैं। ऐसा ही एक रोग है निमोनिया । यह एक खतरनाक रोग है जिससे जान तक जाने का खतरा हो सकता है। निमोनिया बच्चे को हो जाने के बाद उसे तरह-तरह की परेशानिया आने लगती है। इसलिए आपको इस बात की जानकारी का होना जरूरी है कि कैसे निमोनिया के रोग से बच्चों का बचाया जा सकता है।

निमोनिया क्या है
यह एक तरह का वायरस है जो फेफड़ों में तरल पदार्थ को जमा करके खून और हवा के बहाव को रोकता है जिससे तेज बुखार, बलगम वाली खांसी, सीने में दर्द और सांस का तेजी से चलना आदि प्रमुख लक्षण होते हैं।

बच्चों में न्यूमोनिया के कई लक्षण होते हैं
बच्चे को सांस लेने में परेशानी का होना।
घरघराहट की आवाज आना।
पेट और छाती में दर्द।
नाखूनों का रंग नीला पड़ना ।
उल्टी आना।
जोड़ों में दर्द होना।
थकान।

कैसे फैलता है निमोनिया
निमोनिया का रोग कई तरह से फैल सकता है। इस रोग का वायरस बच्चे के गले या नाक में पाए जाते हैं और वे सांस के जरिए फेफड़ों में जा सकते हैं। कुपोषण, स्तनपान की कमी और अस्वस्थ वातावरण की वजह से निमोनिया से ग्रसित बच्चे की मौत तक हो सकती है। इसलिए इस बारे में सभी लोगों को जागरूक होना चाहिए।
निमोनिया छींक व खांसी से हवा नली के द्वारा भी फैल सकता है।
उचित पौष्टिक आहार, स्वच्छ पर्यावरण और वैक्सीन के द्वारा इस रोग को रोका जा सकता है।
loading...


कवर रखना
बच्चे को निमोनिया की मुख्य वजह सर्दी का लगना होता है। ऐसे में ठंड बच्चे को दो तरह से वार करती है पहला पैरों के रास्ते और दूसरा सिर के रास्ते। इन दोनों जगह पर सर्दी का असर बच्चे को बड़ी जल्दी होता है। इसलिए सिर और पैरों को ढ़क के रखना जरूरी है।

बादाम व मुनक्का
निमोनिया से बचने के लिए बच्चे को बादाम और मुनक्का को मिलाकर देना चाहिए। इससे बच्चों की इमयूनिटी पावर बढ़ती है और वे तन्दरूस्त रहते हैं। मुनक्के और बादाम के इस्तेमाल से बच्चे के खून मे गर्मी पैदा होती है और वे इस बीमारी से आसानी से बच जाते हैं।

शहद
बच्चों को निमोनिया से बचाने के लिए शहद महत्वपूर्ण औषधि है। शहद में हर फूल का रस मौजूद होता है जिससे शरीर का बीमार होने की संभावना कम हो जाती है। कलौंजी के तेल में शहद को मिलाकर बच्चे को देने से निमोनिया रोग दूर हो जाता है।

जैतून का तेल
जैतून का तेल अधिक गर्म होता है। रात को सोते समय बच्चों के सिर पर जैतून के तेल से मालिश करनी चाहिए। जिससे बच्चे का शरीर गर्म बना रहता है। जैतून के तेल की मालिश बच्चे के पैरों के तलवों पर भी करनी चाहिए इससे बच्चे निमोनिया की बीमारी से बचे रहते हैं।

वैक्सीन
निमोनिया को रोकने के लिए हायमोफील्स एनफलुएंजा टाईप बी और नियूमोकोकल कोंजूगेट टीके मौजूद हैं। जो बच्चे को निमोनिया से बचाते हैं। भारत में जानकारी न होने की वजह से और मंहगी कीमत से बच्चों को ये टीके नहीं लगाए जाते हैं।

निमोनिया से बचने के अन्य उपचार
पांच हरे पत्ते तुलसी के, तीन ग्राम मिश्री और पांच काली मिर्च को एक साथ मिलाकर पीस लें और इसकी छोटी-छोटी गोलियां बना लें। सुबह और शाम पानी के साथ एक गोली जरूर लें।

निमोनिया से ग्रसित बच्चे को गर्म पानी व फलों का रस बीच-बीच में पिलाते रहना चाहिए।

लहसुन की 4 कलियों को सरसों के तेल के साथ गर्म करके बच्चे की मालिश करें।

तुलसी के तीन पत्तों को पीसकर सुबह-सुबह पानी के साथ सेवन करें। यह भी निमोनिया से बचाव करता है।

दूध में थोड़ा केसर मिलाकर बच्चे को दिन में दो बार पिलाएं।

सर्दियों के मौसम में बच्चे को धूप में रखना चाहिए।

यदि इन उपचारों से बच्चे की हालत नहीं सुधरती है तो उसे तनिक भर की देर किए बिना डाक्टर को दिखा लेना चाहिए।

बच्चे को इस बीमारी से बचाने के लिए उसे वैक्सीन यानी टीका जरूर लगवाना चाहिए। यह न्यूमोनिया के खतरे को कम कर देता है।

वे बच्चे जो समय से पहले हो जाते हैं उन्हं न्यूमोनिया खतरा अधिक रहता है। इसलिए समय-समय पर बच्चों की डाक्टरी जांच जरूर करवानी चाहिए।
Read More

23/04/2017

prahlad das

बाहर निकला हुआ पेट अंदर करने के कुछ आसान घरेलू तरीके

भारत में मोटे लोगों की तादाद तेजी से बढ़ रही है। आज करीब 4 करोड़ 10 लाख ऐसे लोग भारत में मौजूद हैं, जिनका वजन सामान्य से कहीं ज्यादा है। अधिकांश लोग शुरुआत में मोटापा बढ़ने पर ध्यान नहीं देते हैं, लेकिन जब मोटापा बहुत अधिक बढ़ जाता है तो उसे घटाने के लिए घंटों पसीना बहाते रहते हैं।

मोटापा घटाने के लिए खान-पान में सुधार जरूरी है। कुछ प्राकृतिक चीजें ऐसी हैं, जिनके सेवन से वजन नियंत्रित रहता है। इसलिए यदि आप वजन कम करने के लिए बहुत मेहनत नहीं कर पाते हैं तो अपनाएं यहां बताए गए छोटे-छोटे उपाय। ये आपके बढ़ते वजन को कम कर देंगे।
loading...


1. ज्यादा कार्बोहाइड्रेट वाली वस्तुओं से परहेज करें। शक्कर, आलू और चावल में अधिक कार्बोहाइड्रेट होता है। ये चर्बी बढ़ाते हैं।

2. केवल गेहूं के आटे की रोटी की बजाए गेहूं, सोयाबीन और चने के मिश्रित आटे की रोटी ज्यादा फायदेमंद है।

3. रोज पत्तागोभी का जूस पिएं। पत्तागोभी में चर्बी घटाने के गुण होते हैं। इससे शरीर का मेटाबॉलिज्म सही रहता है।

4. पपीता नियमित रूप से खाएं। यह हर सीजन में मिल जाता है। लंबे समय तक पपीता के सेवन से कमर की अतिरिक्त चर्बी कम हो जाती है।

5. दही का सेवन करने से शरीर की फालतू चर्बी घट जाती है। छाछ का भी सेवन दिन में दो-तीन बार करें।

6. छोटी पीपल का बारीक चूर्ण पीसकर उसे कपड़े से छान लें। यह चूर्ण तीन ग्राम रोजाना सुबह के समय छाछ के साथ लेने से बाहर निकला हुआ पेट अंदर हो जाता है।

7. आंवले व हल्दी को बराबर मात्रा में पीसकर चूर्ण बना लें। इस चूर्ण को छाछ के साथ लेंं। कमर एकदम पतली हो जाएगी।

8. मोटापा कम नहीं हो रहा हो तो खाने में कटी हुई हरी मिर्च या काली मिर्च को शामिल करके बढ़ते वजन पर काबू पाया जा सकता है। एक रिसर्च में पाया गया कि वजन कम करने का सबसे बेहतरीन तरीका मिर्च खाना है। मिर्च में पाए जाने वाले तत्व कैप्साइसिन से भूख कम होती है। इससे ऊर्जा की खपत भी बढ़ जाती है, जिससे वजन कंट्रोल में रहता है।

9. एक चम्मच पुदीना रस को 2 चम्मच शहद में मिलाकर लेते रहने से मोटापा कम होता है।

10. सब्जियों और फलों में कैलोरी कम होती है, इसलिए इनका सेवन अधिक मात्रा में करें। केला और चीकू न खाएं। इनसे मोटापा बढ़ता है। पुदीने की चाय बनाकर पीने से मोटापा कम होता है।

11. खाने के साथ टमाटर और प्याज का सलाद काली मिर्च व नमक डालकर खाएं। इनसे शरीर को विटामिन सी, विटामिन ए, विटामिन के, आयरन, पोटैशियम, लाइकोपीन और ल्यूटिन मिलेेगा। इन्हें खाने के बाद खाने से पेट जल्दी भर जाएगा और वजन नियंत्रित हो जाएगा।

12. सुबह उठते ही 250 ग्राम टमाटर का रस 2-3 महीने तक पीने से पेट अंंदर हो जाता है।
Read More