25/8/17

स्‍वाइन फ्लू के लक्षण और इससे बचने के घरेलू उपचार

स्वाइन फ्लू एक तीव्र संक्रामक रोग है जो एच-1 एन -1 वायरस के द्वारा होता है, जिसके लक्षण सामान्य सर्दी जुकाम जैसे ही होते है।  इसमें गले में खराश , नाक बहना या बंद होना , बुखार , सिरदर्द , शरीर में दर्द , ठंड लगना , पेट में दर्द , कभी-कभी दस्त व उल्टी आदि।

संक्रमित व्यक्ति के खांसने या उसे छींक आने से निकले द्रव की बूंदों से ये फैलता है।   इन्फेक्शन लगने पर एक से सात दिनों में लक्षण उत्पन्न हो जाते है। swine flu ke gharelu nuskhe अपनाने से बहुत लाभ होता है जानिये इनके बारे में।

स्वाइन फ्लू के घरेलु  नुस्खे

डेढ़ कप पानी में तीन चार तुलसी के पत्ते , चार काली मिर्च , आधा चम्मच हल्दी  पाउडर , अदरक , जीरा व थोड़ी चीनी डालकर पानी एक कप रह जाने तक उबालें फिर इसमें थोडा नींबू का रस डालकर गुनगुना सेवन करें . दिन में 2-3 बार ले सकते है।

अमृतधारा की दो बूँद रुमाल या रुई पर लगाकर  बार बार सूंघते रहें।

कपूर , इलायची व लौंग को पीसकर मिलाकर छोटी पोटली बनाकर सूंघते रहें। नाक गले और फेफड़ों को इन्फेक्शन से बचाने का उत्तम उपाय है।

तुलसी के तीन चार पत्ते रोज सुबह खाएं। तुलसी के पत्ते इन्फेक्शन से बचाते है। फेफड़ों और गले को ठीक रखने में मदद करते है।

 ताजा गिलोय का रस चार चम्मच रोज पियें। गिलोय का काढ़ा बनाकर भी पी सकते है।

 गिलोय काढ़ा बनाने की विधि इस प्रकार है :-
गिलोय बेल की एक फुट लम्बी डंडी के टुकड़े और पांच तुलसी के पत्ते दो गिलास पानी में डाल कर उबालें। आधा रह जाने पर थोड़ा ठंडा हो जाये तब छान लें। इसमें सेंधा नमक और काली मिर्च डाल कर गुनगुना पी लें। दिन में एक बार लेने से इम्युनिटी बढ़ती है। बहुत फायदेमंद है।

दिन में तीन बार नाक में तिल के तेल की दो दो बूँद डाले।

ग्वारपाठा ( Aloe vera ) का गूदा एक चम्मच रोज ले। ये इम्युनिटी बढ़ाता है और जाइंट्स के दर्द में आराम दिलाता है।

आंवले का रोजाना किसी भी रूप में सेवन करें। आंवले से भरपूर विटामिन “C ” मिलता है जो आपको हर प्रकार के इन्फेक्शन से बचाता है।

अपने हाथ बार बार साबुन से अच्छे से धोएँ। विशेष कर यदि आप घर से बाहर जाकर आये हों। हाथों के माध्यम से इन्फेक्शन लगने की सम्भावना ज्यादा होती है।

इनमे से जो भी उपाय कर सकते है आपको करने चाहिए। इन swine flu ke gharelu upay  से आप अवश्य ठीक रह पाएँगे।

इन उपायों से आराम नहीं आए तो तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें .

11/8/17

सिर्फ एक रात में मुहांसो से छुटकारा


चेहरा कितना भी खूबसूरत क्‍यों ना हो अगर उसपर एक छोटा सा भी मुहांसा हो जाए तो वह पूरे चेहरे की सुंदरता को तार तार कर देता है। फिर आप जितना भी मेकप लगाकर उसे छुपाने की कोशिश करें वह बेकार ही जाता है। इसके लिए जरुरी है क‍ि आप अपने खाने-पीने पर और त्‍वचा की साफ सफाई का पूरा ध्‍यान दें।
मुहांसों को 2-3 दिनं में दूर करने के उपाय:

1 मुहांसो से छुटाकारा पाने के लिए इंहे कभी भी ना फोड़े वरना इसका सीरम निकल कर पूरे चेहरे पर मुहांसे फैला देगा। मुहासों को तौलिए से ना रगड़े, ऐसे करने से आपके पूरे चेहरे पर मुहासे फैल सकते हैं। बेहतर होगा कि इसको अपने आप ही खत्‍म होने दें।

2 चंदन का पाऊडर पिंपल भगाने में बहुत लाभकारी होता है। यह न सिर्फ आपके चेहरे को फ्रेश करेगा बल्कि पिंपल को दुबारा लौटने से भी रोकेगा। चंदन पाऊडर को पिंपल पर 2-3 घंटो के लिए लगा रहने दें और चेहरे को ठंडे पानी से धो कर सूखा लें।

3 चेहरे पर गुलाब जल लगा कर छोड़ दें इससे आपकी स्‍किन के पोर्स खुल जाएगें और चेहरा तरोताजा हो जाएगा। इसको चंदन पाऊडर के साथ मिक्‍स कर के भी पिंपल पर लगाया जा सकता है।

4 चंदन पाऊडर को मुल्‍तानी मिट्टी और गुलाब जल को 10-15 मिनट के लिए चेहरे पर लगा रहने के बाद धो लें। यह रातभर में या केवल 2-3 दिनों में ही आपके चेहरे से पिंपल को गायब कर देगा।

5 टूथपेस्‍ट तो हम दांत साफ करने के लिए प्रयोग करते हैं, पर इसके इस्‍तमाल से आप अपने चेहरे के पिंपल को भी साफ कर सकते हैं। अगर रात में सोने से पहले इसको अपने चेहरे के मुहांसे पर लगा रहने देगें तो यह उन मुहासों को ठंडा कर के सुखा देगा।

6 नींबू का रस पिंपल भगाने में सबसे कारगर उपाय है। इसके रस से अपने चेहरे की 10-15 मिनट तक मालिश करने से राहत मिलेगी। हां, अगर इसके प्रयोग से आपकी स्‍किन में जलन महसूस हो रही हो तो इसको डाइरेक्‍त ना इस्‍तमाल करें। तब इसको पानी या चंदन पाऊडर में मिला कर लगाएं।

7 लैवेंडर के तेल को चेहरे पर लगातार लगाना चाहिए जिससे पिंपल रात भर में ही गायब हो जाए। यह एक बहुत असरदार उपाय है पिंपल को दूर करने का।

8 दालचीनी और शहद को एक साथ मिला कर अपने मुहांसो पर हल्‍के हाथों से मलें। इसको एक साथ मिला कर पेस्‍ट भी तैयार कर सकती हैं और चेहरे पर लगा सकती हैं।

अगर आप को पिंपल फ्री त्‍वचा चाहिए तो इन नुस्‍खों का जरुर इस्‍तमाल करें।

9/8/17

गोरी-गोरी त्वचा पाने के घरेलू उपाय, Home remedies for getting fair skin

• 2 छोटे चम्मच अनार के रस में चुटकी भर हल्दी व थोड़ी-सी मलाई मिलाकर फेंटें। इस लेप को चेहरे पर मले, 15-20 मिनट उपरांत गुलाब जल युक्त पानी से चेहरा धो लें। चेहरा गुलाबी-गुलाबी आभा से दमकने लगेगा।

• नीबू व आलूबुखारे का रस उबले आलू में मिलाकर चेहरे पर मलें, त्वचा साफ व कोमल रहेगी।

• पके परवल के गूदे को बारीक पीसकर उसमें कच्चा दूध मिलाकर चेहरे पर रगड़ें, सांवलापन दूर हो जाएगा।

• सेब के रस में थोड़ा-सा बेसन मिलाकर चेहरे पर मलने से झुर्रियां व झाइयां दूर हो जाती हैं।

• आंखों के नीचे का कालापन दूर करने के लिए कच्चे आलू की फांकें रगडऩे से काले धब्बे दूर हो जाएंगे।

• गुलाब के फूल की पंखुडिय़ों को पीसकर लेप को ग्लिसरीन में मिलाकर चेहरे पर मलें, चेहरा गुलाब की भीनी-भीनी खुशबू के साथ गुलाबी-गुलाबी आभा में दमकने लगेगा।

• माल्टा के रस में शहद व मलाई मिलाकर चेहरे पर लगाने से त्वचा चमकदार बनी रहेगी।

• लाल टमाटर व नीबू के रस में मुल्तानी मिट्टी मिलाकर चेहरे पर लगाने से त्वचा की खुश्की दूर होती है।

• कागजी नीबू के छिलके जांघों पर मलने से जांघें चिकनी-मुलायक तो होती ही हैं, रंगरूप भी निखरता है।

• नाशपाती के गूदे को दूध में घोलकर, इसके लेप को चेहरे पर लगाकर रूई से रगड़ें, फिर गुनगुने पानी से धो लें, चेहरा खिल उठेगा।

• रात्रि में सोने से पूर्व एक छोटे चम्मच दही में चुटकी भर हल्दी फेंटें, इसे हाथों पर मलें, हाथों का रंग रूप निखरने लगेगा।

• ताजा लाल गुलाब का रस होंठों पर लगाने से होठों की आभा दमकने लगती है, नित्य गुलाब का रस मलने से होंठ फटते भी नहीं।

• खट्टे फलों के गूदे हाथ-पैरों पर मलें, सूखने पर हाथ पैर धोलें, हाथ पैरों का सौन्दर्य खिल उठेगा।

8/8/17

रोजाना पिएंगे दालचीनी वाला दूध तो नहीं होगी ये बीमारी

दूध अपने आप में पौष्टिक और स्वास्थवर्धक होता है। लेकिन जब हम दूध में कुछ आयुवेर्दिक चीजों को डालते हैं तब इससे दूध के फायदे दोगुने हो जाते हैं।

हम बात कर रहें दूध में दालचीनी का चूर्ण को मिलाकर पीने की। दूध में दालचीनी चूर्ण को मिलाकर पीने से कई खतरनाक बीमारियां खत्म हो जाती है।

आइए जानते हैं दालचीनी वाले दूध को पीने के फायदों के बारे में...

कैसे बनाए दालचीनी वाला दूध?
जब आप दूध में दालचीनी के चूर्ण को मिलाते हैं तब दूध के अंदर एंटी बैक्टीरियल गुण तेजी से बढ़ जाते हैं। जिसकी वजह से शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाती है। और यह मधुमेह, चेहरे की समस्या और मोटापा आदि जैसी समस्याओं को भी ठीक कर देता है। इसे बनाने का बहुत ही आसान तरीका है।

 एक कप गरम दूध में एक चम्मच दालचीनी का चूर्ण और एक चम्मच शहद को डालकर घोल लें और इसका सेवन करें।

दालचीनी वाले दूध के फायदे  
जिन लोगों को हड्डियों में दर्द और कमजोरी रहती हो तो वे दूध में एक चम्मच दालचीनी का चूर्ण और एक चम्मच शहद को मिलाकर रोज सेवन करें। इस उपाय से कमजोर हड्डियों में ताकत आती है। इसके अलावा यह गठिया की समस्या को भी ठीक करता है।

कैंसर जैसी घातक और जान लेवा बीमारी से बचने के लिए नियमित दालचीन वाले दूध में शहद को मिलाकर पीएं। इस दूध में कैंसर रोधी गुण होते हैं।

दालचीनी से बना दूध गले की मुख्य समस्याओं जैसे गले का दर्द व गले में खराश बने रहना आदि को आसानी से खत्म कर देता है।

चेहरे की दाग धब्बों की समस्या व बालों का कमजोर होना शरीर की कमजोरी की वजह व पोषण की कमी की वजह से होता है। जब आप दालचीनी वाला दूध पीते हैं तब यह दूध शरीर के अंदर जाकर काम करता है और आपके चेहरे और बालों से जुड़ी हुई हर समस्या को ठीक कर देता है।

टाइप -2 डायबिटीज से परेशान लोगों को दालचीन से बना दूध का सेवन करना चाहिए। दालचीनी वाला दूध ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करता है। और यह आपको डायबिटीज की बीमारी में फायदा देता है।

कई बार यह समस्या हो जाती है कि खाना शरीर में पचता नहीं है जिस वजह से गैस व एसिडिटी बढ़ने लग जाती है। इसके अलावा अपच आदि भी होने लगती है। दालचीनी से बना हुआ दूध आपकी ये सारी समस्याएं पल भर में खत्म कर सकता है।

रात को सोने से पहले आप एक कप दालचीनी वाला दूध का सेवन करें। आपको इससे बहुत ही अच्छी नींद आएगी। और आपकी अनिंद्रा की समस्या भी ठीक हो जाएगी।

दालचीनी वाला दूध तभी आपको फायदे देता है जब आप इसका सेवन नियमित करते हैं। यह दूध पूरी तरह से आयुवेर्दिक है जिससे आपको किसी भी तरह का विपरीत प्रभाव नही पड़ेगा।

31/7/17

सर दर्द ,रुसी और बदहजमी दूर करने के आयुर्वेदिक उपाय

सर दर्द ,रुसी और बदहजमी दूर करने के आयुर्वेदिक उपाय 

सर दर्द से राहत के लिए 
१. तेज़ पत्ती की काली चाय में निम्बू का रस निचोड़ कर पीने से सर दर्द में अत्यधिक लाभ होता है.

२ .नारियल पानी में या चावल धुले पानी में सौंठ पावडर का लेप बनाकर उसे सर पर लेप करने भी सर दर्द में आराम पहुंचेगा.

३. सफ़ेद चन्दन पावडर को चावल धुले पानी में घिसकर उसका लेप लगाने से भी फायेदा होगा.

४. सफ़ेद सूती का कपडा पानी में भिगोकर माथे पर रखने से भी आराम मिलता है.

५. लहसुन पानी में पीसकर उसका लेप भी सर दर्द में आरामदायक होता है.

६. लाल तुलसी के पत्तों को कुचल कर उसका रस दिन में माथे पर २ , ३ बार लगाने से भी दर्द में राहत देगा.

७. चावल धुले पानी में जायेफल घिसकर उसका लेप लगाने से भी सर दर्द में आराम देगा.

८. हरा धनिया कुचलकर उसका लेप लगाने से भी बहुत आराम मिलेगा.

९ .सफ़ेद  सूती कपडे को सिरके में भिगोकर माथे पर रखने से भी दर्द में राहत मिलेगी.

 बालों की रूसी दूर करने के लिए
१. नारियल के तेल में निम्बू का रस पकाकर रोजाना सर की मालिश करें.

२. पानी में भीगी मूंग को पीसकर नहाते समय शेम्पू की जगह प्रयोग करें.

३. मूंग पावडर में दही मिक्स करके सर पर एक घंटा लगाकर धो दें.

४ रीठा पानी में मसलकर उससे सर धोएं.

५. मछली, मीट अर्थात nonveg त्यागकर केवल पूर्ण शाकाहारी भोजन का प्रयोग भी आपकी सर की रूसी दूर करने में सहायक होगा.

गैस व् बदहजमी दूर करने के लिए
१. भोजन हमेशा समय पर करें.

२. प्रतिदिन सुबह देसी शहद में निम्बू रस मिलाकर चाट लें.

३. हींग, लहसुन, चद गुप्पा ये तीनो बूटियाँ पीसकर गोली बनाकर छाँव में सुखा लें, व् प्रतिदिन एक गोली खाएं.

४. भोजन के समय सादे पानी के बजाये अजवायन का उबला पानी प्रयोग करें.

५. लहसुन, जीरा १० ग्राम घी में भुनकर भोजन से पहले खाएं.

६. सौंठ पावडर शहद ये गर्म पानी से खाएं.

७. लौंग का उबला पानी रोजाना पियें.

८. जीरा, सौंफ, अजवायन इनको सुखाकर पावडर बना लें,शहद के साथ भोजन से पहले प्रयोग करें.

22/7/17

अगर ये जंगली घास आपके घर के आस पास दिखे तो इसको फालतू समझ उखाड़ने की भूल मत करना

प्रकृति ने अपने खजाने से हमको हमेशा ही भरपूर किया है, बस हम ही उसको पहचान नहीं पाते. पहले लोगों को जड़ी बूटी का बहुत ज्ञान होता था मगर ये ज्ञान धीरे धीरे लुप्त हो गया, मगर अभी भला हो कुछ ऐसी समाज सेवी संगठनों का जिन्होंने अभी इसको दोबारा पुनर्जीवित करने का फैसला किया है.

इसी सन्दर्भ में आज हम आपको इस जंगली घास के बारे में बता रहें हैं, ये अक्सर ही खाली पड़ी जमीन में उग आती है, और हम इसको खरपतवार समझ कर फेंक देते हैं. इस जंगली घास को भारतीय भाषा में लोणी, बड़ी लोणा, लोणा शाक, खुरसा, कुलफा, लुनाक, घोल, लोनक इत्यादि नामो से जाना जाता है. English में इसको common Purslane, Kaun Purslane, Pussley, Pigweed कहा जाता है.

यह पुरे भारत में चाहे वो गर्म प्रान्त हो या हिमालय के ठन्डे प्रान्त हो सबमे पायी जाती है.
इसकी जड 25 साल तक नहीं मरती, और बारिश में या पानी मिलने पर दोबारा हरी हो कर फ़ैल जाती है. जो जड 25 सालो तक ख़त्म नहीं होता तो आप सोच सकते हो के इसमें कितनी Immunity होगी.

लोणी के फायदे – Benefit of Loni
इसकी पत्तियों में ग़ज़ब के स्वास्थ्य लाभ समाये हुयें हैं. इसमें vitamin, iron, calcium, प्रोटीन और मिनरल्स भरपूर हैं. ये हमारी सम्पूर्ण हेल्थ के लिए बहुत ही अच्छा है. यह घास सभी हरी सब्जियों से बढ़कर है, हरी सब्जियों में अगर किसी में Omga 3 फैटी एसिड्स मिलते हैं तो सबसे ज्यादा इसमें ही मिलते हैं. इसके पत्तों में सभी हरी सब्जियों से ज्यादा vitamin A मिलता है, जो के कैंसर जैसे भयंकर रोगों से लड़ने में बहुत सहयोगी है, और omega 3 होने के कारण ये हृदय रोगों से बचाता है.

यह घास कैंसर, हृदय, खून की कमी, हड्डियों की मजबूती और यूँ कहे तो सम्पूर्ण स्वास्थ्य को बढ़ाती है.
इसका स्वाद निम्बू जैसा खट्टा होता है और ये थोड़ी कुरकुरी होती है. आप इसको रेगुलर सलाद में खा सकते हैं. इसका सेवन करने से ये हमारी उर्जा के लेवल को बढ़ा देगी, ताक़त को बढ़ाती है, ये बच्चों के दिमागी विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं, ये बच्चों के Autism और ADHD जैसे disorder को होने से बचाने के लिए उपयोगी है

आयुर्वेद में इसको सर के रोग, आँखों के रोग, कानो के रोग, मुख रोग, त्वचा रोग, थूक में खून आना, पेट के रोग, मूत्र के रोग, बीमारी और ज़हर उतारने के लिए किया जाता है.

इसकी सलाद, सब्जी या इस पुरे पौधे का काढ़ा बना कर पिया जा सकता है.

9/7/17

चेहरे से तिल और मस्से हटाने के 10 आसान तरीके, How To Get Rid Of Moles

चेहरे पर होंठो के उपर या नीचे तिल हो तो चेहरे की खूबसूरती बढ़ जाती है। लेकिन ज़रूरत से ज़्यादा अनचाहे तिल खूबसूरती बिगाड़ देते है। तिल हमारे शरीर की त्वचा की वो कोशिकाए है जो फैलने के बजाए आपस में जुड़कर इकट्ठी हो जाती है। यह कोशिकाए सूरज के संपर्क में आते ही काले या भूरे रंग की हो जाती है। इन्हे तिल कहा जाता है। तिल जो जन्म से होते है उन्हे शरीर से दूर करना बेहद मुश्किल होता है लेकिन जो तिल बाद में अपने आप आते है उन्हे घरेलू उपायो अथवा सर्जरी के द्वारा अलग किया जा सकता है। यहाँ तिल को हटाने के घरेलु उपचार बताये जा रहे है।चेहरे के तिल हटाने के उपाय:-

1. प्याज
प्याज का प्रयोग तिल को हटाने के लिए किया जाता है। प्याज को छीलकर उसका रस निकाल ले, रुई को प्याज के रस में डुबो कर रखे। फिर रुई को निकाल कर तिल वाली जगह पर आधे घंटे तक रखे। उसके बाद रुई को हटाकर ठंडे पानी से तिल वाली जगह को धो ले। ऐसा 1 महीने तक करने से तिल पूरी तरह से त्वचा से हट जायेगा।

2. केले का छिलका तिल को जड़ से ख़तम करने में मदद करता है। इसका इस्तेमाल करने के लिए ताजे पके हुए केले को छीले। फिर छिलके के अंदर के भाग को तिल के उपर रखकर band aid पट्टी से चिपका दे। ऐसा रात भर के लिए रखे और फिर सुबह ठंडे पानी से धो ले। ऐसा तब तक करे जब तक तिल शरीर से हट ना जाए।

3. सेब का सिरका का प्रयोग करके तिल को बिना किसी निशान छोड़े हटाया जा सकता है। अपनी त्वचा को सबसे पहले अच्छी तरह से धो ले। फिर रुई की सहायता से सेब के सिरके को तिल के उपर लगाए, और 1 घंटे तक लगे रहने दे। फिर हल्के गुनगुने पानी से धो ले। ऐसा तब तक करे जब तक तिल पूरी तरह से हट नही जाता।

4. फूल-गोभी का प्रयोग ना सिर्फ़ खाने में किया जाता है बल्कि शरीर से तिल हटाने में भी कर सकते है। गोभी के रस को तिल वाली जगह पर लगाये। ऐसा दिन में 3 से 4 बार करे, आप चाहे तो इसे तिल पर तगाये रख कर रात में सो सकते है। ऐसा करने से कुछ दिनों में तिल गायब हो जायेगा।

5. लहसुन का पेस्ट शरीर से तिल हटाने के लिए लहसुन सबसे असरदार घरेलु नुस्खा है। सबसे पहले तिल वाली जगह को गुनगुने पानी से साफ कर ले। फिर लहसुन से बना पेस्ट तैयार कर रात को सोने से पहले इस पर लगा ले और उस जगह पट्टी लगा दे। रात भर लगे रहने के बाद सुबह गुनगुने पानी से धो ले। ऐसा रोजाना करने से कुछ ही दिनों में तिल गायब हो जाता है।

6. अरंडी का तेल (Castor Oil) का उपयोग शरीर से तिल हटाने के लिए किया जाता है। अरंडी के तेल की 3 से 4 बुँदे चुटकी भर बेकिंग सोडा मिला ले। अब इस मिश्रण को तिल पर हल्के हाथो से मले। लगभग 1 घंटे तक इसे लगे रहने दे। उसके बाद साफ पानी से धो ले। ऐसा दिन में 2-3 बार करे, तिल जल्द ही चला जाता है।

7. पाइनएप्पल का प्रयोग स्वास्थ के साथ-साथ शरीर से तिल को हटाने के लिए भी किया जाता है। रोज पाइनएप्पल के रस को तिल पर लगाए। इसे रात को लगाकर भी सो सकते है। इसके अलावा अंगूर का जूस भी तिल के उपर लगाने से तिल हट जाता है।

>>बेदाग त्‍वचा के लिए अपनायें ये घरेलू नुस्‍खे
>>चलते-फिरते इन छोटे-छोटे उपायों को आजमाएं और खूबसूरत बन जाएं.....
>>खून की कमी के घरेलू उपचार,

अन्य तरीके भी अपनाए तिल को हटाने के लिए
1. इसके अलावा अदरक को पीसकर उसका पेस्ट तैयार कर ले और रात भर तिल के उपर लगाकर रखे।

2. हारे धनिये को काटकर उसका पेस्ट बना ले और रात में सोते वक्त तिल के उपर लगाकर पट्टी से चिपका दे। फिर सुबह ठंडे पानी से धो ले।

3. शहद और सूरजमुखी के तेल को मिलाकर रोजाना 10 मिनिट तक तिल के उपर रगड़ने से त्वचा भी कोमल होती है और तिल भी गायब हो जाता है।

8/7/17

चलते-फिरते इन छोटे-छोटे उपायों को आजमाएं और खूबसूरत बन जाएं.....
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कहते हैं फस्ट इम्प्रेशन इज द लास्ट इम्प्रेशन। किसी भी व्यक्ति पर फस्ट इम्प्रेशन तो चेहरे की रंगत तथा हाव-भाव का ही पड़ता है। पहली नजर में ही अपने व्यक्तित्व की अमिट छाप यदि किसी पर छोडऩा हो तो नीचे दिये उपायों को अपनाकर चेहरे पहले ज्यादा प्रभाशाली बनाया जा सकता है....

नीचे दिये गए छोटे व सरल उपायों से त्वचा की चमक को बढ़ाया और लंबे समय तक टिका-कर रखा जा सकता है....

1. चेहरे पर कुदरती चमक लाने के लिये शुद्ध प्राकृतिक ग्वारपाठा यानी ऐलोविरा का ज्यूस हथेलियों पर लेकर चेहरे पर मसाज करते हुए लगाएं। और सूख जाने पर चेहरे को साफ गुनगुने पानी से धो लें। 7 दिनों के भीतर ही आप बदलाव देखकर दंग रह जाएंगे।

एक अन्य प्रयोग में दो चम्मच बेसन, हल्दी पावडर, गुलाब जल व शहद मिलाकर लेप बनाएं। इसे चेहरे व हाथ-पैरों और गर्दन पर लगाएं व 10 मिनट बाद  धो लें। इससे त्वचा निखर जाएगी।

2.  कच्चे दूध में हल्दी डालकर पेस्ट बनाएं। इसे चेहरे और हाथ-पैरों पर लगाएं। 10 मिनट बाद धो लें। त्वचा निखर उठेगी।

3.  होठों को सुंदर और मुलायम बनाए रखने के लिए रात को सोते समय दूध की मलाई लगाएं, सुबह ठंडे पानी से धो लें।

4. आंखों में जलन व काले घेरों को कम करने के लिए रात को सोते समय आंखों पर ठंडे दूध में रुई भिगोकर रखें

5.  8-10 दिन में एक बार चेहरे को भाप अवश्य दें। इस पानी में पुदीना, तुलसी की पत्ती, नीबू का रस व नमक डालें। भाप लेने के बाद इसी गुनगुने पानी में 5 मिनट के लिए हाथों को रखें। हाथ की त्वचा निखर जाएगी।

>>Heart Blockage खोलने का सबसे बढ़िया आयुर्वेदिक उपचार।

>>बवासीर का अंत तुरंत जादू की तरह असर दिखाती है यह गोली

>>एसिडिटी और हाइपर एसिडिटी के लिए जादुई नुस्खा।

7/7/17

बवासीर का अंत तुरंत जादू की तरह असर दिखाती है यह गोली

बवासीर का अंत तुरंत जादू की तरह असर दिखाती है यह गोली

आपको हमारी पोस्ट अच्छी लगे तो जरुर शेयर करें ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग लाभ उठा सकें अर्शोध्नी वटी एक आयुर्वेदिक दवा है. यह दवा दोनों प्रकार के बवासीर के लिए लाभदायक है. बवासीर के दो प्रकार माने जाते हैं: बादी और खूनी. खूनी बवासीर, में जब रक्तस्राव ज्यादा हो तो इस दवा का प्रयोग इसे रोकने में मदद करता है. इस दवा का नियमित प्रयोग बवासीर को नष्ट करता है. बावासीर में इसका प्रयोग मस्सों को सुखा देता है. यह दर्द, जलन, खुजली तथा बवासीर से जुडी अन्य स्वास्थ्य समस्याओं में आराम दिलाती है। अर्शोघ्नी वटी दस्तावर laxative है और कब्ज़ को दूर करती है. यह दवा वायुनाशक और रक्त-रोधक है.

अर्शोघ्नी वटी के घटक निम्बोली २४ ग्राम; बकायन के फल की मींगी २४ ग्राम; खून-खराबा (यूनानी-दमउल अखवे) २४ ग्राम; तृणकान्त पिष्टी १२ ग्राम; शुद्ध रसौत ७२ ग्राम;

बनाने की विधि: पहले निम्बोली और बकायन की मींगी को अच्छे से पीसकर बारीक़ पाउडर बना उसमे अन्य द्रव मिला दें और २ रत्ती की गोलियां बनाकर सुखा लें.

अर्शोघ्नी वटी के चिकित्सीय उपयोग
यह दवा अर्श या बवासीर piles के उपचार में प्रयोग की जाती है. यह शरीर से विषाक्त पदार्थो को निकलती है और वायुनाशक है. यह कब्ज़ में आराम देती है और रक्त बवासीर bleeding piles में ब्लीडिंग को बंद करती है.

सेवन विधि और मात्रा 
1se 2  गोली, दिन में दो बार, सुबह और शाम लें.
इसे मट्ठे या ठन्डे पानी के साथ लें.

 बवासीर के मरीज को कब्ज नहीं रहनी चाहिए कब्ज ना रहे इस का खास ध्यान रखें

सूखे मस्से वाली बवासीर के लिए
अर्शोघ्नी बटी दो गोलियां
त्रिफला गूगल दो गोलियां
पुनर्नवादि मंडूर एक गोली

 यह एक मात्रा है ऐसी दो मात्राएं दिन में दो बार ताजे पानी के साथ ले

कम से कम 2 से 3 महीने  इसी के साथ #अभयारिष्ट छह चम्मच आधा कप पानी में खाना खाने के बाद दोपहर और रात को ले

खूनी बवासीर के लिए 

अर्शोघ्नी बटी दो गोलियां
त्रिफला Google दो गोलियां
महामंजिष्ठादि घनवटी दो गोलियां

यह एक मात्रा है ऐसी दो मात्राएं दिन में दो बार ताजे पानी के साथ ले
इसके लिए भी

अभयारिष्ट
पुनर्वारिष्ट
महामंजिष्ठादि
यह तीनों बराबर मात्रा में मिलाकर रख लीजिए इसमें से 8 चम्मच खाना खाने के बाद दोपहर और रात को लीजिए

अगर बवासीर में खून की मात्रा बहुत ज्यादा आती हो तो हमदर्द कंपनी की #कुर्स_बंदिश_खून एक गोली दिन में दो बार इन्हीं दवाइयों के साथ ले जब तक खून आता रहे जब खून आना बंद हो जाए  kurs  बंदिश खून लेना बंद कर दें

सावधानी कुर्स बंदिश खून केवल खून आने तक ही लेनी है जब खून आना बंद हो जाए kurs बंदिश खून किसी भी कीमत पर मत लें अन्यथा खून गाढ़ा होकर हृदय को नुकसान पहुंचा सकता है

 सभी दवाइयां आयुर्वेदिक स्टोर से ऊपर लिखे गए नाम से ही मिलती है और सभी प्रसिद्ध कंपनियां इसी नाम से बनाती है

बवासीर के मस्सों पर लगाने के लिए आप काशीसादि तेल or  इरिमेदादि तेल or पाईलेक्स क्रीम
 इन तीनों में से किसी एक का प्रयोग गुदा में दिन में तीन बार करना चाहिए और हर बार शौच जाने के बाद

या डॉक्टर द्वारा निर्देशित रूप में लें.
इस दवा को ऑनलाइन या आयुर्वेदिक स्टोर से ख़रीदा जा सकता है.
इसे सभी भारत की प्रसिद्ध कंपनियां डाबर बैद्यनाथ झंडू व्यास फार्मास्यूटिकल इसी नाम से बनाती है

>>एसिडिटी और हाइपर एसिडिटी के लिए जादुई नुस्खा।
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पेशाब में परेशानी के घरेलु नुस्खे – Urine Problem Home Remedies

पेशाब या मूत्र उत्सर्जन हमारे शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने का एक माध्यम है। प्रकृति ने हमारे शरीर को शुद्ध रखने के लिए कई तरह की महत्त्वपूर्ण कार्य प्रणाली बनाई है। जिनमे से मूत्र विसर्जन एक है। हमारे शरीर में मौजूद दो गुर्दे ( Kidney ) लगातार खून को साफ करते रहते है। खून दिन में कई बार गुर्दों से होकर गुजरता है।

गुर्दे खून से अवशिष्ट पदार्थ खासकर यूरिया और यूरिक एसिड को बाहर निकालते है। शरीर में पानी की मात्रा संतुलित रखते है। इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस ( सोडियम ,पोटेशियम, कैल्शियम आदि ) बनाए रखते है। इसके अलावा खून की मात्रा और ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करते है।

इस प्रक्रिया में मूत्र या पेशाब ( Urine ) बनता है जो मूत्र नलिकाओं से होता हुआ पेशाब की थैली ( Urine Bladder ) में लगातार इकठ्ठा होता रहता है। ब्लैडर से मूत्र यूरेथ्रा ( Urethra ) से होता हुआ शरीर से बाहर निकाल दिया जाता है। प्रत्येक किडनी में लगभग 10 लाख न्यूरॉन्स होते है जो छलनी का काम बड़ी मुस्तैदी से करते है। इस प्रक्रिया में पानी बहुत महत्त्वपूर्ण है। पानी की मदद से ये क्रिया आसानी से चलती रहती है।

इसलिए चाहे सर्दी हो या गर्मी पर्याप्त मात्रा में पानी पीना बहुत आवश्यक होता है। पानी कितना कब और कैसे पीना चाहिए यह जानने के लिए  यहाँ क्लिक करें। गर्मी के मौसम में शरीर को ठंडा रखने के लिए स्किन के माध्यम से भी बहुत सारा पानी निकल जाता है। यदि गर्मी में अधिक पानी नहीं पीते है तो ये कार्य प्रणाली गड़बड़ा जाती है और कई तरह  परेशानी पैदा हो जाती है। जैसे पेशाब में जलन होना , पेशाब रुक रुक कर आना , पेशाब का रंग पीला होना आदि। पेशाब में परेशानी के दूसरे कारण भी हो सकते है।

इसके अलावा कई बार पेशाब सम्बन्धी दूसरी तकलीफें हो जाती है । जैसे पेशाब बार बार आना। पेशाब के साथ वीर्य आना। जिसे पेशाब के साथ धातु जाना भी कहते है। पेशाब के साथ खून या मवाद आना आदि। पेशाब लाल या गुलाबी रंग का आना। पेशाब में इन सभी तरह की समस्याओं में  घरेलु नुस्खों से आराम आ जाता है। ये पेशाब में परेशानी के घरेलु उपचार उपयोग में लेकर परेशानी से मुक्ति पाई जा सकती है। समस्या अधिक गम्भीर हो तो चेकअप जरूर कराना चाहिए

मूत्र रोगों के घरेलु उपाय – Mutra Rog Gharelu Upay
रात को एक गिलास पानी में 10 -12 मुनक्का भिगो दें। सुबह मुनक्का उसी पानी के साथ पीस लें। इसे छानकर इसमें थोड़ा भुना पिसा जीरा मिलाकर पीये। इससे पेशाब की जलन मिट जाती है और पेशाब खुलकर आता है।

 एक गिलास पानी में दो चम्मच साबुत धनिया और एक चम्मच पिसा हुआ आंवला रात को भिगो दें। सुबह उसी पानी में मसल कर छान कर पी लें। ऐसा ही पानी शाम को भी पिएँ। 5 -7 दिन इस पानी को सुबह शाम पीने से पेशाब में जलन मिट जाती है।

रात को एक गिलास पानी  में दो देसी गुलाब के फूल की पत्तियां डालकर रख दें। सुबह हल्का सा मसल कर छान लें। एक चम्मच पिसी हुई मिश्री मिलाकर पी लें। ये पानी कुछ दिन लगातार पीने से पेशाब की जलन मिट जाती है।

एक बताशे में 3 -4 बूँद शुद्ध चन्दन का तेल डालकर खा लें। सप्ताह भर लें।  पेशाब की हर तरह की जलन मिटाने के लिए ये प्रयोगउत्तम है।

 एक कप खीरे का रस कुछ दिन लगातार पीने से पेशाब में जलन शांत होती है

 एक गिलास लौकी का रस सुबह शाम रोजाना पीने से पेशाब की जलन में बहुत आराम आ जाता है।

250 ग्राम बथुआ लगभग तीन ग्लास पानी में उबाल लें। ठंडा होने पर छान लें। इस पानी में स्वाद के अनुसार सेंधा नमक , नींबू  का रस और काली मिर्च मिलाकर पी लें। दिन में तीन बार ये पानी पीने से पेशाब में जलन ,पेशाब के बाद दर्द आदि ठीक हो जाते है।

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आधा गिलास चावल के मांड में चीनी मिलाकर पीने से पेशाब की जलन मिटती है।

साबुत धनिये की गिरी पिसी हुई और कुंजा मिश्री पिसी हुई दोनों समान मात्रा में लेकर मिला लें। इसे सुबह शाम खाली पेट एक एक चम्मच ठन्डे पानी से फांक लें। पेशाब में जलन अवश्य दूर हो जाएगी।

बील की 8 -10 पत्तियां  बारीक पीस कर एक गिलास पानी में घोलकर पी लें। ये उपाय सुबह शाम तीन दिन में पेशाब की जलन मिटा देगा।

पेशाब में रूकावट 
आधे ग्लास पानी में आधा गिलास लौकी का रस , चार चम्मच पिसी मिश्री और एक ग्राम कलमी शोरा मिलाकर पीने से पेशाब की रूकावट दूर होकर पेशाब आना शुरू हो जाता है। एक खुराक काफी होती है। अगर असर नहीं हो तो एक घंटे बाद एक खुराक और लेनी चाहिए।

  एक गिलास पानी में भुट्टे के सुनहरे बाल लगभग ३० ग्राम डालकर उबालें। एक तिहाई रह जाये तब छान कर पी लें। इसमें कुछ भी ना मिलाएं। इससे पेशाब साफ़ और खुलकर आता है। रुक रुक कर बूँद बूँद आना बंद  होता है। सुबह शाम ये पानी पीने से छोटी गुर्दे की पथरी भी निकल जाती है।

बार पेशाब आना 
यह डायबिटीज के कारण हो सकता है। पेशाब की और खून की जाँच करानी चाहिए। यदि इनमे शक्कर की मात्रा ज्यादा आये तो डायबिटीज का इलाज लेना चाहिए। डायबिटीज के बारे में विस्तार से जानने के लिए यहाँ क्लिक करें।

शाम के समय भुने हुए चने आधी कटोरी छिलके सहित अच्छे से चबा चबा खाकर ऊपर से थोड़ा गुड़ खा लें। फिर थोड़ा पानी पी लें।

इस तरह 10 -12 दिन लगातार चने खाने से ज्यादा और बार बार पेशाब आना बंद हो जाता है।

सर्दी के मौसम में सुबह शाम तिल और गुड़ का लडडू  खाने से बार बार  पेशाब आना कम होता है।

रात को बार बार पेशाब आता हो तो शाम को पालक किसी भी रूप में खाने से फायदा होता है।

लंच के बाद दो पके हुए हुए केले खाने से ज्यादा और बार बार पेशाब आना ठीक हो जाता है।

अंगूर खाने या अंगूर का रस पीने से गुर्दों को ताकत मिलती है बार बार पेशाब आना बंद होता है।

जामुन की गुठली और काले तिल पीस कर समान मात्रा में लेकर मिला लें। मिश्रण सुबह शाम दो चम्मच पानी के साथ लेने से बिस्तर में पेशाब आना और वृद्धजनो का बार बार पेशाब आना बंद हो जाता है।

पिसी हुई अजवायन आधा चम्मच और गुड़ आधा चम्मच दोनों को मिलाकर खाने से मूत्र अधिक मात्रा में आना बंद हो जाता है।

पेशाब के साथ वीर्य या धातू जाना 
एक कटोरी साबुत गेहुँ रात को एक गिलास पानी में भिगो दें। सुबह इसी पानी के साथ इसे बारीक पीस ले। इसमें एक चम्मच मिश्री मिलाकर पी लें। इसे एक सप्ताह तक लगातार पीने से पेशाब के साथ वीर्य जाना बंद होता है।

दो चम्मच आंवले का रस और दो चम्मच शहद मिलाकर कुछ दिन लगातार पीने से पेशाब के साथ वीर्य या धातू जाना बंद होता है।