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How to make Chyawanprash, च्वयनप्राश बनाने की पूरी विधि


How to make Chyawanprash, च्वयनप्राश बनाने की पूरी विधि 

हुच्वयनप्राश आवश्यक घटक आवला ताज़ा बढ़िया पका हुआ 1 किलो 400 ग्रामचीनी 750 ग्रामघी देशी गौ माता का 150 ग्रामपीपल 15 ग्रामदालचीनी 10 ग्रामछोटीइलायची बिज 5 ग्रामतेजपात 10 ग्रामनागकेसर 10 ग्रामलॉन्ग 5 ग्रामकेशर 20 के लगभग पंखुड़ियां ।

सबसे पहले आवलो को उबाले इतना उबालना है कि बिलकुल नरम हो जाएऔर ठंडा होने पर इनकी गुठली निकाल कर अलगकरदीजिए गुठली अलग होने पर आपके पास लगभग 1 किलो आवला बचेगा और आवले को मसलकर पीठी सी बना ले आप चाहेतो इसे लोहे की छलनी में मसलकर निकाल सकते है ताकि आवले के रेशे बाहर निकल जाए रेशे ना निकाले तो भी कोई बात नही ।

अब घी को कड़ाही में गर्म करके आवले की पीठी को उसमे तलते है और जब आवला घी छोड़ने लगे तो उसे नीचे उतार कर किसी पात्र में निकाल लेते है ।अगले चरण में कड़ाही में 750 ग्राम चीनी और केशर डालकर चाशनी तैयार करते है और चाशनी बनने पर आवले की तैयार पीठी इसमें डालते है और ऊपर लिखी औषधियों का चूर्ण इसमें मिलाकर थोडी देर पकाते है और अवलेह सा बन जाने पर आग से नीचे उतार लेते है ।

आपका आवला च्वयनप्राश तैयार हैइसको और ज्यादा एडफेक्टिव बनाने के लिए काष्ठ औषधियों के साथ आप निम्न सामग्री और मिला सकते हैवंशलोचन चूर्ण 10 ग्रामशुक्तिभसम 5 ग्रामअभ्रक भसम 5 ग्रामश्रंग भसम 5 ग्राममकरध्वज 1 ग्रामइनऔषधियों के मिलाने से इसके गुण दो गुने हो जाएंगे पर इनको मेने अलग इसलिए लिखा ताकि जो कम कीमत में बनाना चाहे वो पहले तरीके से बनाए और जो ज्यादा महंगा बना सके वो ये भी मिला सकते है ।

अब में आपको इसी चवयनप्राश को और भी ज्यादा प्रभावीऔर चमतकारी बनाने के बारे में बता रहा हुइनके लिए आपको निम्नकाष्ठ औषधियों की और आवश्यकता होगीबेल की छाल, अरणीमूल, सोनपाठा छाल, खम्भारी की छाल,मुदगपर्णी, माशपर्णी, शलिपर्णी, गोखरू, काकड़ासिंगी, भुईँ आवला , मुनक्का , जीवन्ति,पुष्करमूल, अगर, गिलोय, बड़ी हरड़, खरैटी पंचाग , जीवक, बाराहीकन्द , विदारीकन्द , कचूर, नागरमोथा, पुनर्नवा, शतावरी, कमल फूल, सफ़ेद चन्दन, अडूसा की जड़, असगन्ध, काकनासाइनमें से जितनी भी जड़ी बूटियां मिले मतलब एक दो पांच ना मिले तो भी चलेगी सभी 10 -10 ग्राम ले लीजिए और इन्हें ढाई किलो पानी में डालकर इनका क्वाथ बनाए और जब पानी 600 ग्राम के लगभग रह जाए तबइसे उतारले और छान लें और जो 750 ग्राम चीनी की चाशनी बनाई थी वो चाशनी इसी पानी में चीनी या मिश्री मिलाकर तैयार करनी है बाकी की प्रकिर्या ऊपर वर्णित है ही औषधीय मिलाने का तरीका भी वही है मात्रा 5 से 8 ग्राम वयस्क के लिए बच्चों के लिए 2 से तीन ग्रामधारोष्ण दुग्ध या गर्म दूध के साथ या शहद के साथ लाभ- शारीरिक और मानसिक दुर्बलता को दूर करता है शरीर हष्ट पुष्ट बनाता है। 

इसका प्रभाव रस रक्तादि सातों धातुओं ह्दयमस्तिष्क स्नायु मंडल फुफ्फुस अमाशय इंद्रियों पर विशेष रूप से होता है । खांसीस्वाश रक्तपित्त अम्लपित्त पांडु उन्माद स्मरण शक्ति की कमी स्वर भंग धातुक्षीणता शुक्रदोष स्मरणशक्ति की कमी आदि विकारों को नष्ट करता है ।

स्त्रियों के गर्भशय विकारों और पुरुषों के वीर्य विकारों को मिटाता है । ओज वृद्धि करता है । यह रसायन वाजीकरण और बलवर्धक है ।कृपया प्रश्न करनेसे पहले पोस्ट को चार से पांच बार पढ़े ताकिसमझ पाए । 

जितनी चीजे उपलब्ध हो उनसे ही तैयार करे बार बार ये ना पूछे की ये नही मिल रहा क्या करूँ इस बात को में पहले ही बता रहा हु की जितना उपलब्ध हो उनसे ही बना ले । 

कुछ लोग प्रश्न करेंगे की ये सामान कहाँ मिलेगा तो पहले ही बता रहा हु सभी भसम और मकरध्वज आयुर्वेदिक मेडिकल पर मिल जाएंगी और बाकि की काष्ठ औषधिया पंसारी से मिलेगी।

स्वदेशी अपनाओ और अच्छा खाओ ।स्वदेशी अपनाओ देश बचाओ जय हिंद