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सीने में दर्द दूर करने के आयुर्वेदिक उपाय


अगर किसी के भी सीने में दर्द होता है तो वह न सिर्फ ढंग से साँस ले सकता है और न ही चैन से बैठ पाता है जब किसी के भी सीने में दर्द होता है तो हमारा सबसे पहले ध्यान हार्ट अटैक की तरफ चला जाता है।

लेकिन ऐसा कुछ नही है इसके और भी बहुत से कारण होते है , सीने की दर्द के और भी कई कारण हो सकते हैं, जैसे कि एसिडिटी के कारण, सर्दी, कफ, तनाव, गैस, बदहजमी और धूम्रपान से भी हमारी छाती में दर्द हो सकता है। चाहे आप को किसी भी कारण से छाती में दर्द हो रहा हो।


आप को डाक्टर से सलाह जरूर लेनी चाहिए, ताकि आप को किसी भी तरह से हार्ट अटैक की शंका न हो।

अगर आप देरी करेंगी तो कुछ बड़ा भी घटित हो सकता है। छाती के दर्द को कभी भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, वो चाहे एसिडिटी के कारण हो रही हो या गैस के कारण। अगर आप को पता चलता है कि आपकी छाती की दर्द अटैक के कारण नहीं हो रही। बल्कि किसी अन्य कारण से हो रही है तो आप कुछ घरेलू उपाय भी कर सकते हैं।

छाती के दर्द को दूर करने के घरेलू उपाय

छाती का दर्द होने पर हमे बहुत ही तकलीफ होती है इसे सहन करना हमारे लिए बहुत ही मुश्किल होता है। छाती के दर्द को दूर करने के लिए हम कुछ घरेलू उपाय भी कर सकते हैं, जिससे हमे राहत मिले जैसे कि.

लहसुन का इस्तेमाल
लहसुन को हम वंडर मेडिसिन के नाम से भी जानते हैं जो कि हर तरह की बीमारियों के लिए रामबाण का काम करती है। यह हमारी सेहत के लिए तो रामबाण है ही साथ में हमारे हार्ट के लिए भी बहुत फायदेमंद होती है। लहसुन में कई तरह के विटामिन, फास्फोरस, आयरन आदि का खजाना पाया जाता है। इसके अलावा इसमे आयोडीन, क्लोरीन, की मात्रा भी पाई जाती है। लहसुन की एक या दो कली हमे सुबह खली पेट खानी चाहिए, जिससे हमारी कोलेस्ट्रोल की मात्रा कम होती है और साथ में यह ह्रदय पर फैट की परत बनने से रोकता है। जिससे रक्त का प्रवाह सुचारू रूप से काम करता है। अगर छाती का दर्द गैस के कारण हो रहा हो तो यह गैस के लिए अच्छा होता है। इसका इस्तेमाल हम कई तरीकों से कर सकते हैं। इसमे अगर हम कच्चा लहसुन खाते हैं तो वह ज्यादा असरदार होता है।

अदरक का इस्तेमाल
हम जानते है कि अदरक में कई तरह के औषधीय गुण होते हैं। अगर आप की छाती मे दर्द गैस के कारण हो रहा है या फिर एसीडिटी के कारण आप की छाती में दर्द हो रहा है तो आप को अदरक की चाय बनाकर पीनी चाहिए। इसको पीने से आप छाती के दर्द के साथ साथ कफ, खासी जैसी बीमारियों से भी राहत पा सकते हो।

हल्दी का इस्तेमाल
हल्दी एक ऐसा मसाला है जो सब्जी को स्वाद तो बनाती है, साथ ही हमारे दर्द का निवारण भी करती है। आयुर्वेद के रूप में इसमे एंटी इन्फ्लामेट्री दवा के रूप में प्रयोग में लाया जाता है। हल्दी में पाए जाने वाले ख़ास कपाउड़ कर्चुमिन होते हैं जो दर्द को चूसते हैं। यह हमारे दिल के लिए भी बहुत गुणकारी होती है। हल्दी का सेवन गर्म दूध में डाल कर करना चाहिए। अगर हम दर्द वाले स्थान पर हल्दी का लेप लगा दे तो दर्द में राहत मिलती है।

तुलसी का इस्तेमाल
छाती में दर्द होने पर तुलसी - अदरक का काढ़ा बनाकर उसमें शहद की बूंदे डालकर पीने से फायदा होता है। तुलसी में केवल एंटी बैक्टीरियल गुण ही नहीं होते, बल्कि इसमे एंटी इन्फ्लामेट्री गुण भी होते हैं। तुलसी का सेवन हमारी सेहत के लिए बहुत ही गुणकारी होता है। तुलसी के पत्तों को कई लोग चबा कर खाते हैं तो कई इसे चाय में डालके इसका सेवन करने हैं। यह दोनों ही तरीको में गुणकारी होती है।

तनाव:
तनाव के कारण दिल की धड़कन तेज हो जाती है, साँस लेने में तकलीफ़ होने लगती है और रक्त चाप भी बढ़ जाने के कारण हृदय में रक्त संचार की गति को नुकसान पहुँचता है, इन सब कारणों से भी सीने में दर्द होता है।

आंतक के कारण:
कभी-कभी दिल में दर्द अत्यधिक डर, अचानक कोई सदमा, दिल के धड़कन के बढ़ने, अत्यधिक पसीना और साँस में तकलीफ़ के कारण भी होता है।

इस तरीके से दर्द के कई कारन हो सकते है और इन कारणों से आपको दर्द महसूस होगा और आप हमारे बताये इन कुछ टिप्स को फॉलो करेंगे तो निश्चित तोर पर आपका दर्द कम होगा