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जवान और तंदुरुस्त रखने के आयुर्वेदिक नुस्खे Ayurvedic prescriptions to keep young and fit


सदा अपने आप को जवान और तंदुरुस्त रखने के लिए आयुर्वेदिक नुस्खे

सामग्री :
सूखे आंवले का चूर्ण
काले तिल (साफ़ कर के) इसका चूर्ण।
भृंगराज (भांगरा) का चूर्ण।
गोखरू का चूर्ण।

बनाने की विधि :
पहले ये सब 100 – 100 ग्राम की मात्रा में ले कर मिला लीजिये, फिर इस में 400 ग्राम पीसी हुयी मिश्री मिला लीजिये।

तत्पश्चात इसमें 100 ग्राम शुद्ध देशी गौ घृत (गाय का घी) मिला लीजिये और आखिर में इस में 200 ग्राम शहद मिला लीजिये।

अब इस चूर्ण को किसी कांच के बर्तन में या घी के चिकने मिटटी के पात्र या चीनी के बर्तन में सुरक्षित रख ले। इस चूर्ण को एक चम्मच (5 ग्राम) की मात्रा में खाली पेट नित्य सेवन करे और ऊपर से गाय का दूध या गुनगुना पानी पीजिये।

सावधानी : 
घी और शहद परस्पर समान मात्रा में धीमे ज़हर का काम करते हैं। इसलिए इनकी समान मात्रा नहीं लेनी है।

इस चूर्ण से आपके शरीर का पूरा कायाकल्प हो जायेगा। 

यदि छोटी आयु में बाल झड़ गए हैं तो पुनः दोबारा उग आएंगे, अगर सफ़ेद हो गए हैं तो काले हो जायेंगे, और वृद्धावस्था तक काले बने रहेंगे।

ढीले दांत भी मज़बूत बन जायेंगे। चेहरे पर कान्ति आ जाएगी। 

शरीर शक्ति शाली और बाजीकरण युक्त हो जाएगा। और कुछ ही दिनों में दुर्बल व्यक्ति भी अपना वज़न पूरा कर शक्तिशाली बन जाता हैं।

परहेज : 
अंडा, मांस, मछली, नशीले पदार्थो का सेवन वर्जित हैं।