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कैसे जाने की आपके परिवार में कोई डायबिटीज (मधुमेह) का शिकार है


अगर आप या आपके घर या आपके पड़ोस में कोई है जो डायबिटीज से लड़ रहा है तो यह ज़रूर पढ़े.

मधुमेह आज की व्यस्त जीवन चर्या का परिणाम है। इससे भी अधिक चिंताजनक है इसका नवयुवको एवं नवयुवतियों को अपनी गिरफ्त में लेना। यह चलन विशेषत: विकासशील देशों में अधिक देखा गया है जहॉँ अचानक आर्थिक शक्ति की वृद्धि के कारण सामान्य दिन चर्या मे नौजवानो को विमुख कर और शारीरिक श्रम के प्रति उदासीन कर दिया है। इसके अतिरिक्त मधुमेंह के रोगियो की वृद्धि के बहुत कारण है । यह स्थिति और भी विकराल होती है क्योंकि इस बीमारी को समझने के लिये जन साधारण प्रयास नही करते।
सर्व प्रथम रोगी को अपनी जीवन शैली में परिवर्तन करना होगा। क्यों की बिना जीवन शैली में बदलाव किये कोई भी इलाज स्थायी नहीं हैं।

कितना आहार लेना कब आहार लेना, क्या आहार लेना, किस प्रकार का व्यायाम करना जिससे रोग में अधिकतम लाभ हो, आदि विषय की जानकारी उन्हें प्रामाणिक ढ़ग से नही मिल पाती जिससे वे व्यक्ति और परेशान हो जाते हैं।
हर उम्र और वर्ग में अलग-अलग कारणों से अलग-अलग रूप में मधुमेह होती है।

आइये समझे मधुमेह को। (Let’s understand diabetes)
मधुमेह एक ऐसी अवस्था है जिसमे शरीर में इन्सुलिन की कमी हो जाती है या शरीर में इन्सुलिन तो होता है मगर वो सही तरीके से शुगर नहीं बना पाता। अग्नाशय इन्सुलिन बनाता है, इन्सुलिन एक हॉर्मोन है। (हार्मोन एक रसायन होता है। जो एक सेल या एक ग्रंथि या शरीर के एक भाग में एक अंग द्वारा जारी किया जाता है। यह उस जीव के अन्य भागों में कोशिकाओं को प्रभावित करता है।) अगर व्यक्ति का शरीर इन्सुलिन उत्पादन कम कर दे तो फिर शरीर में शुगर की मात्रा काफी बढ़ जाती है। जो काफी चिंताजनक विषय है।

इससे रक्त में ग्लूकोज़ की मात्रा इन्सुलिन की कमी के कारण बढ़ जाती है अगर रक्त में इस ग्लूकोज़ की मात्रा को नियंत्रित नहीं किया जाए तो यह कई अन्य शारीरिक समस्याऎं उत्पन्न कर सकती हैं।

अगर एक बार दवा-इलाज, विशेषकर इन्सुलिन लेने के चक्कर में फँस गए तो वे जीवन पर्यन्त इस चक्र से निकल न सकेंगे। इस चक्कर में पड़कर घनचक्कर बनने से बचने के लिए सन्तुलित आहार लेना बहुत आवश्यक है।
मधुमेह एक नज़र में बारिश की उदहारण से।

1. अगर वर्षा की बूंदे सही समय पर सही मात्रा में बरसे तो वो अमृत की तरह होती है, उसी तरह शरीर को भी ग्लूकोज़ की आवश्यकता होती है।

2. जिस तरह वर्षा का जल सही निकास होने पर सही जगह पर पहुँचता है और उपयोगी होता है, उसी प्रकार भोजन से रक्त में पहुंचा ग्लूकोज़ इन्सुलिन की मदद से सही स्थान अर्थात कोशिकाओं के भीतर पहुँचता है तो उर्जा प्रदान करता है।

3. यदि बाढ़ आ जाये तो जल नुकसानदायक भी हो सकता है, ठीक उसी तरह रक्त में ग्लूकोज़ का स्तर अधिक रहे तो ये भी शरीर को गंभीर क्षति पहुंचा सकता है ।

4. बारिश का पानी निकास ना होने के कारण, बाढ़ का रूप ले कर, नुकसान पहुंचाता है, उसी तरह भोजन से रक्त में पहुंचा ग्लूकोज़, इन्सुलिन की कमी होने पर सही स्थान पर नहीं पहुँच पाता और रक्त में ही घूमता रहता है और शरीर को नुक्सान पहुंचाता है।
क्या है इन्सुलिन ?
1.हमारे शरीर के लिए इन्सुलिन का वही महत्व है जो वृक्ष के लिए पानी का।

2. मधुमेह का अर्थ है इन्सुलिन की कमी, ये शरीर को वैसे ही प्रभावित करती है जैसे वृक्ष को पानी की कमी।

3. मधुमेह में दवाएं शरीर में इन्सुलिन के बहाव को बढाती है, यह एक पंप द्वारा भूमिगत पानी एक वृक्ष को उपलब्ध कराने जैसा है।

4. शरीर में इन्सुलिन का उत्पादन एक स्तर से गिर जाने पर दवाओ की अधिकतम डोज़ भी कारगर नहीं होती, जैसे भू जल स्तर गिर जाने पर अधिकतम क्षमता वाला पंप भी पानी नहीं देता।

5. जिस प्रकार भू जल स्तर गिर जाने पर बाहर से पानी लाना एक मात्र समाधान है, उसी प्रकार शरीर को बाहरी स्रोत से इन्सुलिन देना एक मात्र समाधान है।

6. इन्सुलिन कोई दवा नहीं बल्कि एक प्राकर्तिक हॉर्मोन है, जो जनम से मृत्यु तक हमारे शरीर में बनता है। इन्सुलिन की कमी का अर्थ है मधुमेह(SUGAR)। शरीर को स्वस्थ रखने के लिए इन्सुलिन की प्रयाप्त मात्रा ज़रूरी होती है, दवाइयों और आवश्यकता पड़ने पर इन्सुलिन इंजेक्शन स्वस्थ बने रहने के लिए ज़रूरी है।

क्या मधुमेह रक्त में अतिरिक्त SUGAR की समस्या है.
बिल्कुल नहीं। मगर ये समस्या तब बनती है जब शरीर के सेल इस SUGAR को अपने अन्दर पचा नहीं पाते। रक्त में ज़्यादा SUGAR होने की बजाये वो स्तिथि बहुत बुरी या खतरनाक है जब हमारा शरीर SUGAR प्राप्त नहीं कर पाता। जहाँ तक शरीर का सम्बन्ध है तो SUGAR इसके लिए एनर्जी का काम करती है जो शरीर के लिए बहुत उपयोगी है। याद रखिये शरीर को बेहतरीन तरीके से काम करने के लिए लगातार उर्जा चाहिए। शरीर और दिमाग के cells के लिए बहुत प्रकार के पोषक तत्वों की ज़रूरत होती है जिनमे से एक है SUGAR. शरीर के cells में उर्जा, रक्त में SUGAR के माध्यम से पहुंचाई जाती है। संचार प्रणाली SUGAR को हमारे शरीर के cells में पहुंचाती है वो भी इन्सुलिन की सहायता से। SUGAR हमारे cells में तभी जा सकती है जब हमारे cells SUGAR लेने के लिए खुले हो। इन्सुलिन एक चाबी की तरह काम करता है जो हमारे cells को खोलता है तांकि रक्त से SUGAR cells में पहुंचाई जा सके।

SUGAR के कारण
1. डायबिटीज का कारण है इंसुलिन हार्मोंन का कम निर्माण होना। जब इंसुलिन कम बनता है तो कोशिकाओं तक और रक्त में शुगर ठीक से नहीं पहुंच पाती जिससे सेल्स की एनर्जी कम होने लगती है और इसी कारण से शरीर को नुकसान पहुंचने लगता है। जैसे- बेहोशी आना, दिल की धड़कन तेज होना इत्यादि समस्याएं होने लगती हैं।

2. डायबिटीज के कारण इंसुलिन के कम निर्माण से रक्त में शुगर अधिक हो जाती है क्योंकि शारीरिक ऊर्जा कम होने से रक्त में शुगर जमा होती चली जाती है जिससे कि इसका निष्कासन मूत्र के जरिए होता है। इसी कारण डायबिटीज रोगी को बार-बार पेशाब आता है।

3. डायबिटीज होने के और भी कारण है। यह अनुवांशिक भी होती है। यदि आपके परिवार के किसी सदस्य मां-बाप, भाई-बहन में से किसी को है तो भविष्य में आपको भी डायबिटीज होने की आशंका बढ़ जाती है।

4. आपका समय पर ना खाना, बहुत अधिक जंकफूड खाना या आपका मोटापा भी डायबिटीज का मुख्य कारक है।

5. आपका वजन बहुत बढ़ा हुआ है, आपका बीपी बहुत हाई है और कॉलेस्ट्रॉल भी संतुलित नहीं है तो आपको डायबिटीज हो सकता है।

6. बहुत अधिक मीठा खाने, नियमित रूप से बाहर का खाना खाने, कम पानी पीने, एक्सरसाइज ना करने, खाने के बाद तुरंत सो जाने या ज्यादा समय तक लगातार बैठा रहना इत्यादि कारण भी डायबिटीज को जन्म दे सकते हैं।

7. वर्तमान में बच्चों में होने वाली डायबिटीज का मुख्य कारण उनका रहन-सहन और खानपान है। इसके साथ ही शारीरिक रूप से निष्क्रियता भी बच्चों को डायबिटीज की और अग्रसर कर सही है। इसलिए उनको नियमित सैर या OUTDOOR GAMES के लिए प्रेरित करे।

8. यदि आप चाहते हैं कि आप और आपका परिवार डायबिटीज से बचें तो उसके लिए हेल्दी लाइफ स्टाइल अपनाना जरूरी है। जिसमें एक्सरसाइज और हेल्दी फूड को खास प्राथामिकता दें।

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