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कैसा भी स्टोन हो चाहे किडनी में चाहे Gall Bladder में चाहे पेशाब की नाली में – ये इस्तेमाल करो और फिर बताओ.


दोस्तों हमने किडनी और Gall Bladder के लिए अलग अलग अनेकों पोस्ट की हैं, किसी में किसी को रिजल्ट मिला तो किसी में किसी को रिजल्ट नहीं मिला, आज हम आपको एक ऐसा प्रयोग बताने जा रहें हैं जो किडनी और Gall Bladder Stone के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, इसको प्रयोग न कह कर हम दिनचर्या ही कहें तो बेस्ट है. आइये जानते हैं.

Kidney stone
सबसे पहले जिन लोगों को किडनी और पेशाब की नाली में स्टोन हो तो वो क्या करें, ऐसे मरीजों को सबसे पहले पाषाणबेद का पौधा कहीं से लाना चाहिए और हर रोज़ सुबह शौच जाने के बाद इसके 5 पत्ते चबा चबा कर या चटनी बना कर खाने चाहिए, उसके बाद नाश्ते से एक घंटा पहले एक गिलास पानी में 20 मिली सेब का सिरका मिला कर पीजिये, इसके साथ में हिमालय की सिस्टोन नामक दवा की एक गोली लें.

नाश्ते के एक घंटे के बाद शरबत ए बजूरी या नीरी KFT 20 मिली आधे कप पानी में मिला कर लीजिये.  इस शरबत या नीरी के साथ में आपको एक भस्म लेनी है जिसका नाम है हजरल यहूद भस्म (ये आपको हमदर्द के स्टोर से मिल जाएगी) उसको एक चुटकी भर इसके साथ में लेना है.  ये प्रयोग आपको 15 से 45 दिन तक करना पड़ सकता है.

पेशाब ना आने पर करें ये उपचार
जिन लोगों को पेशाब खुल कर नहीं आता उनके लिए – वो लोग जिनको पेशाब खुल कर नहीं आता वो बाज़ार एस सुहागा ले आइये, सुहागा अक्सर सुनार लोग अपने गहने बनाने में इस्तेमाल करते हैं, ये बड़ी आसानी से मिल जाता है, सुहागे का लेप व्यक्ति की नाभि पर करें, और इसको सूखने मत दें, सूखने पर इस के ऊपर पानी के छींटे मारते रहें अगर फिर भी पेशाब ना आये तो मरीज को मूंग की दाल जितना सुहागा पानी के साथ दीजिये. इस से पेशाब सही से आने लगेगा.

Gall Bladder Stone
जिन लोगों को Gall Bladder में स्टोन हो उनके लिए – वो लोग सबसे पहले सुबह शौच जाने के बाद पाषाणबेद के 5 पत्ते चबा चबा कर खाएं, उसके बाद नाश्ते के एक घंटे के बाद 50 मिली सेब का सिरका इतने ही पानी में मिला कर पीजिये. ऐसा दिन में चार पाँच बार कीजिये, इसके साथ पुरे दिन में कम से कम 4 से 5 गिलास सेब का जूस भी पीजिये, ऐसे रोगियों को सेब नाशपति निम्बू विटामिन सी, पुदीना, गाजर, ककड़ी, हल्दी इत्यादि का सेवन अधिक करना चाहिए, खासकर इस प्रयोग के दौरान. इसके बाद रात में सोते समय आधा चम्मच गुडहल का पाउडर खाने वाला पानी के साथ सेवन करें. दिन में एक बार निम्बू पानी पिलायें

जिसमे आधा चम्मच हल्दी पाउडर ज़रूर मिलाएं. जब यह करते करते एक हफ्ता हो जाए तो रोगी को हफ्ते के आखरी दिन रात को खाना नहीं खिलाएं, खाने की जगह आधा कप जैतून का तेल या तिल का तेल और आधा कप निम्बू का रस मिला कर इसमें आधा चम्मच सेंध नमक मिला कर पिलायें और इस रात को गुडहल का पाउडर ना दें. ये प्रयोग ३ हफ्ते तक चलायें, और हफ्ते के आखरी दिन ऊपर बताये गए तरीके से काम करें.

पथरी में परहेज
टमाटर बैंगन पालक भिन्डी चुकंदर सेवन नहीं करें. और इसके साथ में अगर कोई आयरन के टॉनिक ले रहा हो पेशेंट वो बंद कर दें.

आशा करते हैं के हमारे द्वारा दी गयी जानकारी आपको अच्छी लगी होगी.

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